सिर्फ 50 मुर्गियों से बैकयार्ड में शुरू करें Poultry Business, इस नस्ल के साथ होगी कम समय में लाखों की कमाई!

Murgi Palan: अगर आप छोटे निवेश में बड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो मुर्गी पालन आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प बव सकता है. लेकिन इस बिजनेस के लिए सही नस्ल का चुनाव न करना नुकसान का कारण बन सकता है. ऐसे में वनराजा मुर्गी आपके बैकयार्ड फार्मिंग के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. सिर्फ 100 वर्ग मीटर में 50 मुर्गियों से आप न सिर्फ अंडे और मांस से कमाई कर सकते हैं, बल्कि इस व्यवसाय को कम जोखिम और कम खर्च में भी सफल बना सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 14 Jan, 2026 | 04:35 PM
1 / 6वनराजा मुर्गी को खास तौर पर छोटे क्षेत्र और घर के पिछवाड़े में पालन के लिए विकसित किया गया है. एक्सपर्ट और अनुभवी किसानों के अनुसार, यह नस्ल शुरुआती निवेश में कम और मुनाफे में अधिक साबित होती है.

वनराजा मुर्गी को खास तौर पर छोटे क्षेत्र और घर के पिछवाड़े में पालन के लिए विकसित किया गया है. एक्सपर्ट और अनुभवी किसानों के अनुसार, यह नस्ल शुरुआती निवेश में कम और मुनाफे में अधिक साबित होती है.

2 / 6सिर्फ 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में 50 मुर्गियों से यह व्यवसाय शुरू किया जा सकता है. इससे छोटे फार्मर्स भी अपनी जमीन का सही उपयोग कर सकते हैं और गांव या शहर दोनों जगह इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर सकते हैं.

सिर्फ 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में 50 मुर्गियों से यह व्यवसाय शुरू किया जा सकता है. इससे छोटे फार्मर्स भी अपनी जमीन का सही उपयोग कर सकते हैं और गांव या शहर दोनों जगह इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर सकते हैं.

3 / 6वनराजा मुर्गियां किसी भी मौसम में आसानी से ढल जाती हैं और इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत होती है. इस वजह से उन्हें बीमार होने या किसी संक्रमण के खतरे से बचाना आसान होता है, जिससे फार्म पर अतिरिक्त खर्च और परेशानियां कम होती हैं.

वनराजा मुर्गियां किसी भी मौसम में आसानी से ढल जाती हैं और इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत होती है. इस वजह से उन्हें बीमार होने या किसी संक्रमण के खतरे से बचाना आसान होता है, जिससे फार्म पर अतिरिक्त खर्च और परेशानियां कम होती हैं.

4 / 6एक वनराजा मुर्गी सालाना 100 से 150 अंडे देती है. आप चाहें तो इन अंडों को सीधे बेचकर आमदनी प्राप्त कर सकते हैं या मुर्गों के साथ पालन करके चूजों को बेचकर अतिरिक्त लाभ कमा सकते हैं. यह व्यवसाय लघु और स्थायी कमाई दोनों के लिए उपयुक्त है.

एक वनराजा मुर्गी सालाना 100 से 150 अंडे देती है. आप चाहें तो इन अंडों को सीधे बेचकर आमदनी प्राप्त कर सकते हैं या मुर्गों के साथ पालन करके चूजों को बेचकर अतिरिक्त लाभ कमा सकते हैं. यह व्यवसाय लघु और स्थायी कमाई दोनों के लिए उपयुक्त है.

5 / 6वनराजा नस्ल की मुर्गियां सिर्फ 30 दिनों में ही लगभग आधा किलो से 750 ग्राम तक वजन पकड़ लेती हैं. यह तेजी से बढ़ने वाला गुण मांस उत्पादन के लिए भी फायदेमंद है, जिससे किसानों को मांस और अंडे दोनों से लाभ मिल सकता है.

वनराजा नस्ल की मुर्गियां सिर्फ 30 दिनों में ही लगभग आधा किलो से 750 ग्राम तक वजन पकड़ लेती हैं. यह तेजी से बढ़ने वाला गुण मांस उत्पादन के लिए भी फायदेमंद है, जिससे किसानों को मांस और अंडे दोनों से लाभ मिल सकता है.

6 / 6वनराजा मुर्गियां अपने खाने के लिए खुले में घूम-घूमकर खुद कुछ ढूंढ लेती हैं. इसके अलावा, किचन का बचा हुआ अनाज, सब्जियों के छिलके, बासी रोटी, चोकर और बचा हुआ भात भी इन्हें आसानी से खिलाया जा सकता है.

वनराजा मुर्गियां अपने खाने के लिए खुले में घूम-घूमकर खुद कुछ ढूंढ लेती हैं. इसके अलावा, किचन का बचा हुआ अनाज, सब्जियों के छिलके, बासी रोटी, चोकर और बचा हुआ भात भी इन्हें आसानी से खिलाया जा सकता है.

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Published: 14 Jan, 2026 | 04:35 PM

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