होली से पहले तमिलनाडु सरकार ने मछुआरों और बुजुर्गों को दिया तोहफा, खातों में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये

तमिलनाडु DMK सरकार ने कलैग्नर महिला उरिमै योजना और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, विकलांगों और मछुआरा परिवारों को वित्तीय सहायता दी. निलगिरी के चाय उत्पादकों को भी समर्थन मूल्य मिला. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि राज्य के विकास में कोई पीछे नहीं रहेगा.

Kisan India
नोएडा | Published: 3 Mar, 2026 | 10:32 PM

Tamil Nadu News: तमिलनाडु की DMK सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले आम जनता के लिए अपना खजाना खोल दिया है. राज्य सरकार महिलाओं, बुजुर्गों  और किसानों के हित में ताबड़तोड़ फैसले ले रही है. राज्य सरकार लगभग तीन सप्ताह बाद 1.31 लाख ‘कलैगनार महिला उरिमै योजना’ के लाभार्थियों को 5,000- 5,000 रुपये देने के बाद मंगलवार को इस कल्याण योजना का दायरा बढ़ा दिया है. अब इसका लाभ वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, बुजुर्ग ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, विकलांगों, मछुआरों के परिवार और चाय बागान मजदूरों को भी मिलेगा.

सरकार ने उन लोगों को, जो कई अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं  के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, मासिक पेंशन के साथ 2,000 रुपये का विशेष राहत अनुदान भी सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दिया. कुल मिलाकर यह मदद 40 लाख से अधिक लाभार्थियों तक एक साथ पहुंचाई गई. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बयान में कहा कि यह राशि मंगलवार सुबह ही लाभार्थियों के खातों में जमा कर दी गई.

लाभार्थियों और सहायता राशि इस प्रकार है

तमिलनाडु सरकार ने विभिन्न वर्गों के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता  दी है. 29,29,000 वरिष्ठ नागरिक और विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रति व्यक्ति 3,200 रुपये दिए गए. 5,92,000 विकलांग व्यक्तियों को प्रति व्यक्ति 3,500 रुपये मदद मिली. वहीं, विकलांग व्यक्तियों के 2,58,000 परिवारों, जो मेंटेनेंस सहायता पाते हैं, को प्रति परिवार 4,000 रुपये दिए गए. इसके अलावा, 1,62,900 मछुआरा परिवारों को अप्रैल से जून के मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के दौरान प्रति परिवार 8,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई.

हरी चाय की पत्तियों पर 2 रुपये प्रति किलो समर्थन

खास बात यह है कि निलगिरी जिले के 14,870 चाय उत्पादक को 15 सहकारी चाय कारखानों के माध्यम से हरी चाय की पत्तियों पर 2 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य के साथ कुल 8.53 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर कहा कि कलाइग्नर महिला उरिमै योजना के तहत महिलाओं को 2,000 रुपये की गर्मियों विशेष सहायता देने पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. इसके बाद सरकार को वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, बुजुर्ग ट्रांसजेंडर और विकलांग व्यक्तियों जैसी पीछड़े हुए वर्गों को इसी तरह की विशेष वित्तीय सहायता देने की मांग मिली. आज उनकी यह मांग पूरी की गई. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तमिलनाडु के विकास के सफर में कोई पीछे नहीं रहेगा और हम सब मिलकर जीतेंगे.

किसे मिले कितने रुपये

  • कुल वितरित राशि 1,386.53 करोड़ रुपये है
  • वरिष्ठ नागरिक और विधवाओं को 937.28 करोड़ रुपये मिले.
  • विकलांग व्यक्ति को  207.20 करोड़ रुपये मिले.
  • विकलांग व्यक्तियों वाले परिवार (मेंटेनेंस सहायता) को  103.20 करोड़ रुपये मिले.
  • मछुआरा परिवारों (फिशिंग बैन अवधि सहायता) को 130.32 करोड़ रुपये मिले.
  • चाय उत्पादक (निलगिरी समर्थन मूल्य सहायता) को  8.53 करोड़ रुपये मिले.

बता दें कि बीते 13 फरवरी को तमिलनाडु सरकार ने 1.31 करोड़ महिलाओं को होली से पहले त्योहार का तोहफा दिया था. तमिलनाडु सरकार ने कलैग्नर महिला अधिकार योजना के तहत हर लाभार्थी महिला के खाते में 5,000 रुपये भेजे थे. यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की कमजोर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए चलाई जा रही है.

क्या है कलैगनार महिला उरिमै योजना की खासियत

कलैगनार महिला अधिकार योजना तमिलनाडु सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन  ने 2023 में शुरू किया था. इसका उद्देश्य परिवार की महिला मुखिया (Head of Family) को आर्थिक सहायता देना है ताकि वे घरेलू खर्च और बच्चों की जरूरतें पूरी कर सकें. पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए दिए जाते हैं.

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Published: 3 Mar, 2026 | 10:32 PM
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