मध्य प्रदेश के किसानों को मिलेंगे एक हजार रुपये, खाद कालाबाजारी रोकने के लिए हेल्पलाइन जारी
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए खाद की कालाबाजारी और नकली खाद पर रोक लगाने की नई व्यवस्था शुरू की है. अब कोई भी व्यक्ति हेल्पलाइन पर सूचना देकर इनाम पा सकता है. यह कदम खरीफ सीजन में पारदर्शिता और किसानों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है.
Fertilizer Black Marketing: मध्यप्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन के दौरान खाद की कालाबाजारी, नकली खाद और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए नई योजना शुरू की है. सरकार का कहना है कि किसानों को सही दाम पर खाद उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसी के तहत अब सूचना देने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी.
कालाबाजारी रोकने के लिए इन्फॉर्मर इंसेंटिव स्कीम लागू
कृषि विभाग ने पूरे मध्यप्रदेश में इन्फॉर्मर इंसेंटिव स्कीम लागू कर दी है. इसके तहत कोई भी किसान या आम नागरिक खाद की कालाबाजारी, नकली खाद की बिक्री, अधिक कीमत वसूली या अवैध भंडारण की सूचना दे सकता है. सरकार का मानना है कि खरीफ सीजन में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही अवैध गतिविधियों की संभावना भी बढ़ जाती है. ऐसे में जनता की भागीदारी से इस पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा. सूचना सही पाए जाने पर 1000 रुपये का इनाम दिया जाएगा.
जांच के बाद मिलेगा 1000 रुपये का इनाम
कृषि विभाग के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जिला कलेक्टर द्वारा गठित टीम इसकी जांच करेगी. अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं और कार्रवाई होती है, तो सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी. योजना को 30 सितंबर 2026 तक लागू रखा जाएगा और इसके लिए बजट भी तय कर दिया गया है.
खाद की अधिक कीमत पर बिक्री को लेकर सख्ती
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश में खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में किसानों को डीएपी, एसएसपी और अन्य खाद एमआरपी से अधिक कीमत पर बेची जा रही है. किसानों की शिकायत है कि सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं द्वारा पुराने स्टॉक को भी नई दरों पर बेचा जा रहा है. दिग्विजय सिंह ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा अधिक वसूली की गई राशि वापस कराने की बात कही है. सरकार का कहना है कि खाद वितरण व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो.
हेल्पलाइन नंबर 155253 पर दर्ज कराएं शिकायत
शिकायत दर्ज करने के लिए सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 जारी किया गया है. ये सेवा कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी. किसान, व्यापारी या कोई भी नागरिक इस नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकता है. सरकार ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार का दबाव या डर न रहे.