MP में गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ी, अब 23 मई तक किसान बेच सकेंगे उपज… तौल कांटों में भी बदलाव

पहले कम समय सीमा के कारण खरीद केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लग रही थीं. कई किसानों को स्लॉट नहीं मिल पा रहा था और उन्हें कई दिन तक इंतजार करना पड़ता था. अब समय बढ़ने से किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट बुक करने का मौका मिलेगा. इससे खरीद केंद्रों पर भीड़ कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित तरीके से चल सकेगी.

नई दिल्ली | Published: 30 Apr, 2026 | 07:40 AM

MP wheat procurement: मध्य प्रदेश के किसानों को राहत देने के लिए गेहूं खरीद की अंतिम तारीख को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा. पहले जहां गेहूं खरीदी और स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख 9 मई तय थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दिया गया है.

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कई किसान अभी तक अपनी फसल मंडियों तक नहीं पहुंचा पाए थे या भीड़ और समय की कमी के कारण खरीद केंद्रों पर परेशानी का सामना कर रहे थे.

सरकार ने किसानों की सुविधा को रखा प्राथमिकता

इस फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद दी. उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह समय बढ़ाया गया है, ताकि कोई भी किसान अपनी फसल बेचने से वंचित न रह जाए. राज्य सरकार का मानना है कि खेती से जुड़े लोगों को पर्याप्त समय और सुविधा देना जरूरी है, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके और वे बिना किसी दबाव के अपनी उपज बेच सकें.

अब नहीं होगी ज्यादा भीड़ और लंबा इंतजार

पहले कम समय सीमा के कारण खरीद केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लग रही थीं. कई किसानों को स्लॉट नहीं मिल पा रहा था और उन्हें कई दिन तक इंतजार करना पड़ता था. अब समय बढ़ने से किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट बुक करने का मौका मिलेगा. इससे खरीद केंद्रों पर भीड़ कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित तरीके से चल सकेगी.

रोजाना गेहूं बेचने की क्षमता बढ़ाई गई

सरकार ने सिर्फ तारीख ही नहीं बढ़ाई, बल्कि खरीद प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए कई अन्य बदलाव भी किए हैं. अब प्रत्येक खरीद केंद्र पर रोजाना गेहूं बेचने की क्षमता बढ़ा दी गई है. पहले जहां एक केंद्र पर रोजाना 1000 क्विंटल तक ही स्लॉट बुक हो पाता था, अब इसे बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है. जरूरत पड़ने पर जिलास्तर पर इस सीमा को बढ़ाकर 3000 क्विंटल प्रति केंद्र तक किया जा सकता है. इस बदलाव से ज्यादा किसानों को एक ही दिन में अपनी उपज बेचने का मौका मिलेगा और उन्हें बार-बार आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाई गई

किसानों को जल्दी सुविधा देने के लिए सरकार ने खरीद केंद्रों पर तौल कांटों (वजन मशीन) की संख्या भी बढ़ा दी है. अब हर केंद्र पर 6 तौल कांटे लगाए गए हैं. अगर किसी जिले में ज्यादा भीड़ होती है, तो वहां और भी तौल कांटे लगाए जा सकते हैं. इससे किसानों का समय बचेगा और उनकी फसल जल्दी तौली जा सकेगी.

किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

इन सभी फैसलों का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा. उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, लंबी कतारों से राहत मिलेगी और पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी. सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि कोई भी किसान सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे.

खरीद प्रक्रिया होगी और पारदर्शी

नई व्यवस्था के तहत स्लॉट बुकिंग और खरीद प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया है. किसानों को तय समय पर केंद्र पर बुलाया जाएगा, जिससे अव्यवस्था कम होगी और काम तेजी से होगा. प्रशासन का कहना है कि इन सुधारों से पूरी व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा.

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