Buffalo Farming: गर्मी में 15% तक घट सकता है भैंस का दूध! अभी कर लें ये इंतजाम नहीं तो होगा नुकसान

Buffalo Care In Summer: गर्मी शुरू होते ही भैंसों में हीट स्ट्रेस की समस्या बढ़ जाती है. इस वजह से उनका दूध उत्पादन 10–15% तक घट सकता है. ऐसे में सही आहार, पर्याप्त पानी, नहलाने और पशुशाला में ठंडक के उपाय अपनाकर इस नुकसान से बचा जा सकता है. इस खबर में आगे एक्सपर्ट से जानिए गर्मी में भैंसों की देखभाल के वो जरूरी टिप्स जिन्हें अपनाकर आप भी अपने भैसों का दूध उत्पादन बढ़ा सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 25 Feb, 2026 | 04:00 PM

Buffalo Farming Tips: गर्मी की शुरुआत होते ही भैंस पालकों की चिंताएं बढ़ जाती हैं. तेज धूप और लू का सबसे ज्यादा असर भैंसों पर पड़ता है, जिससे दूध उत्पादन में अचानक गिरावट देखी जाती है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) बताते हैं कि, गर्मी की वजह से कई बार भैंसों में दूध की मात्रा 10 से 15 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जिसका सीधा असर पशुपालकों की आमदनी पर पड़ता है. खासकर जिन इलाकों में तापमान ज्यादा रहता है, वहां भैंसों की खास देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है.

भैंसों पर गर्मी का ज्यादा असर क्यों?

कृषि विज्ञान केंद्र नोएडा के पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, भैंसों की त्वचा काली होती है और उनमें पसीने की ग्रंथियां कम पाई जाती हैं. इसी कारण वे गायों की तुलना में गर्मी को कम सहन कर पाती हैं. यदि समय पर ठंडक, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी की व्यवस्था न हो, तो भैंसें हीट स्ट्रेस का शिकार हो सकती हैं. इस वजह से पशु दूध कम देने लगते हैं और साथ ही बीमार भी पड़ सकते हैं.

चारे का सही समय और संतुलन

गर्मी के मौसम में भैंसों को सुबह जल्दी या शाम के समय चारा खिलाना ज्यादा फायदेमंद होता है. दोपहर में भारी आहार देने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है, इसलिए इस समय हल्का भोजन देना बेहतर है. आहार में लगभग 60 प्रतिशत हरा चारा और 40 प्रतिशत सूखा चारा शामिल करना चाहिए.

ऐसे में आप अफने पशुओं को नेपियर घास, बरसीम और लोबिया जैसे हरे चारे दे सकते हैं. इससे आपके पशुओं के शरीर को ठंडक मिलती है और साथ ही उनका दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहता है.

जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति

पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम बताते हैं कि, दूध देने वाली भैंसों को प्रतिदिन 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर और 50 ग्राम नमक चारे में मिलाकर देना चाहिए. इसके अलावा 100 से 150 ग्राम गुड़ पानी में घोलकर देने से ऊर्जा मिलती है. शाम के समय 250 ग्राम गेहूं का आटा और 200 से 300 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर खिलाने से भी दूध की मात्रा में सुधार देखा जा सकता है.

गर्मी में पानी का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. एक भैंस को रोज लगभग 60 से 80 लीटर साफ और ठंडा पानी चाहिए होता है. दिन में भैंसों को कम से कम तीन से चार बार पानी पिलाना चाहिए. इसके अलावा पानी के बर्तन को हमेशा छाया में ही रखना चाहिए.

साथ ही भैंसों को दिन में दो से तीन बार नहलाना या तालाब में बैठने देना फायदेमंद होता है. इससे उनके शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और हीट स्ट्रेस से राहत मिलती है.

पशुशाला में ठंडक के उपाय

पशुशाला को हवादार रखना बेहद जरूरी है. पंखे, कूलर या मिस्ट स्प्रे का उपयोग किया जा सकता है. छत पर चूने की सफेदी या बोरी डालने से भी गर्मी कम होती है. इन उपायों से भैंसें आराम में रहती हैं और उनका दूध उत्पादन प्रभावित नहीं होता.

कुछ किसान पारंपरिक उपाय भी अपनाते हैं. जैसे 500 ग्राम सौंफ और 500 ग्राम जीरा पीसकर खिलाने से पाचन बेहतर होता है. रोजाना एक किलो तरबूज देने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और भैंसें स्वस्थ रहती हैं.

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

  • तेज सांस लेना – अगर भैंस सामान्य से ज्यादा तेजी से सांस ले रही है, तो यह हीट स्ट्रेस का संकेत हो सकता है.
  • खाना कम करना – भूख में कमी भी गर्मी के असर को दर्शाती है.
  • सुस्ती या कमजोरी – भैंस का सुस्त दिखना या कम एक्टिव रहना चेतावनी संकेत है.
  • तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क – ऐसे लक्षण दिखें तो देरी न करें, तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.

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Published: 25 Feb, 2026 | 03:58 PM

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