Magh Gupt Navratri: इन 9 रहस्यमयी रातों में खुलते हैं सिद्धियों के द्वार, लेकिन एक गलती और बदल सकती है किस्मत!

Gupt Navratri 2026: माघ गुप्त नवरात्रि माता की दस महाविद्याओं को समर्पित एक अत्यंत रहस्यमयी और बेहद शक्तिशाली साधना काल है. इस दौरान गुप्त रूप से की गई माता की पूजा और साधना से विशेष सिद्धियों की प्राप्ति होता है. ये 9 दिन आत्मशुद्धि, नियम-संयम और श्रद्धा के साथ माता की उपासना के लिए बेहद खास माने जाते हैं. मान्यता है कि इन दिनों छोटी-सी गलती भी साधक के लिए भारी पड़ सकती है, इसलिए पूजा विधि और नियमों का

नोएडा | Published: 19 Jan, 2026 | 11:10 AM

Gupt Navratri 2026: हर साल आने वाली नवरात्रि से अलग, माघ माह की गुप्त नवरात्रि रहस्य, साधना और सिद्धियों का विशेष पर्व माना जाता है. इस नवरात्रि में ढोल-नगाड़े नहीं बजते, पंडाल नहीं लगते और न ही भव्य उत्सव होते हैं. इस दौरान गुप्त रूप से पूजा होती है. इसी वजह से इसे इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है.

इस साल माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू होकर 28 जनवरी तक चलेगी. ये नौ दिन खासतौर पर माता की दस महाविद्याओं की उपासना के लिए बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं. तंत्र साधक, अघोरी और सिद्ध पुरुष इस समय को शक्ति साधना का सर्वोत्तम अवसर मानते हैं.

2026 में माघ गुप्त नवरात्रि की सटीक तिथियां

माघ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी 2026 को सुबह 1:21 बजे शुरू होगी और 20 जनवरी सुबह 2:14 बजे समाप्त होगी. इसी के साथ नवरात्रि का आरंभ माना जाएगा.

पूरी तिथि सूची इस प्रकार है:

क्यों खास होती है गुप्त नवरात्रि?

मान्यता है कि इन नौ दिनों के दौरान देवी मां अपने साधकों की परीक्षा लेती हैं. जो भक्त नियम, संयम और श्रद्धा से माता की अराधना करते हैं, उन्हें मानसिक शांति के साथ-साथ आध्यात्मिक शक्ति भी प्राप्त होती है. इस दौरान मां काली, मां तारा, मां त्रिपुरसुंदरी, मां बगलामुखी और मां कमला जैसी महाविद्याओं की साधना की जाती है.

इन 9 दिनों में भूलकर भी न करें ये गलतियां

गुप्त नवरात्रि में नियमों का पालन बेहद जरूरी माना गया है. शास्त्रों के अनुसार छोटी सी गलती भी साधना को निष्फल कर सकती है.

गृहस्थ लोगों को सलाह दी जाती है कि वे केवल सात्विक पूजा करें और किसी के अहित के लिए कोई साधना न करें.

आम भक्त क्या करें?

यह नवरात्रि सिर्फ तांत्रिकों के लिए नहीं है. सामान्य श्रद्धालु भी माता दुर्गा का स्मरण, मंत्र जाप, दीपदान और संयमित जीवन अपनाकर माता की कृपा पा सकते हैं.

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 आत्मशुद्धि, साधना और आंतरिक शक्ति जागरण का दुर्लभ अवसर है. अगर इन नौ दिनों में नियमों का पालन करते हुए सच्चे मन से माता की आराधना की जाए, तो जीवन की कई बाधाएं अपने आप दूर हो सकती हैं.

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