MGNREGA में काम पाने वाले परिवारों की संख्या घटी, छह साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा आंकड़ा

सरकार अब इस योजना में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. वित्त वर्ष 2026-27 से मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM-G लागू किया जाएगा. केंद्र सरकार ने इस नई योजना के लिए बजट में 95,692 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

नई दिल्ली | Updated On: 1 Apr, 2026 | 07:58 AM

MGNREGA FY26 data: देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजनाओं में से एक मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को लेकर हाल ही में जारी आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है. वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत काम पाने वाले परिवारों की संख्या घटकर करीब 5.32 करोड़ रह गई है, जो पिछले छह वर्षों में सबसे कम है. इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 5.78 करोड़ परिवारों को इस योजना के तहत रोजगार मिला था.

यह गिरावट इस बात का संकेत है कि ग्रामीण स्तर पर रोजगार की मांग और उपलब्धता दोनों में बदलाव देखने को मिल रहा है.

प्रति परिवार काम के दिनों में भी कमी

मनरेगा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ लाभार्थियों की संख्या ही नहीं घटी, बल्कि प्रति परिवार मिलने वाले काम के दिनों में भी कमी दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2025-26 में औसतन एक परिवार को करीब 42.9 दिन का ही काम मिल पाया, जो वित्त वर्ष 2022-23 के बाद सबसे कम है.

मार्च महीने के आंकड़े भी इस गिरावट को और स्पष्ट करते हैं. मार्च 2026 में लगभग 1.43 करोड़ परिवारों को काम मिला, जो पिछले साल की तुलना में करीब 23.2 प्रतिशत कम है.

FY26 में मनरेगा की मांग घटी, प्रति परिवार काम के दिन भी हुए कम, pc-AI

मनरेगा की जगह लेगी VB-G RAM-G

सरकार अब इस योजना में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. वित्त वर्ष 2026-27 से मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM-G लागू किया जाएगा.

केंद्र सरकार ने इस नई योजना के लिए बजट में 95,692 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. वहीं, संक्रमण काल के लिए मनरेगा के तहत 30,000 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं, ताकि पुरानी व्यवस्था से नई योजना में बदलाव आसानी से हो सके. वहीं सरकार 1 अप्रैल से इस नए कानून को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है. इसके बाद राज्यों को इसे लागू करने के लिए करीब छह महीने का समय दिया जाएगा.

गिरावट के पीछे क्या हो सकते हैं कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि मनरेगा में काम पाने वाले परिवारों की संख्या में कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगहों पर रोजगार के अन्य अवसर बढ़े हैं, जिससे मनरेगा पर निर्भरता कम हो सकती है. इसके अलावा, कई राज्यों में योजना के क्रियान्वयन, भुगतान में देरी या प्रशासनिक बदलावों का भी असर देखने को मिल सकता है.

नई योजना से क्या बदलेगा

VB-G RAM-G के लागू होने के बाद सरकार का फोकस सिर्फ रोजगार देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आजीविका को मजबूत करने और स्थायी आय के साधन बनाने पर भी रहेगा. नई योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के साथ-साथ रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करने की कोशिश की जाएगी, जिससे लोगों को लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा मिल सके.

Published: 1 Apr, 2026 | 08:15 AM

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