VB-G RAM G Act: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पार्टी सोशल मीडिया के जरिए देश के गरीबों और ग्रामीणों को भ्रमित करने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के बयानों को देखने से साफ हो जाता है कि कांग्रेस अपनी सोच और विचारधारा दोनों खो चुकी है. शिवराज ने कहा कि कभी “गरीबी हटाओ” का नारा देने वाली कांग्रेस आज गरीबों की असली जरूरतों से पूरी तरह कट चुकी है और झूठ व फरेब के जरिए जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रही है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस लगातार नए ग्रामीण रोजगार कानून VB-G RAM G को लेकर डर फैलाने की कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई इसके ठीक उलट है. सरकार ने साफ किया है कि यह कानून ग्रामीणों के अधिकारों को कमजोर नहीं करता, बल्कि उन्हें पहले से ज्यादा मजबूत बनाता है. सरकार की ओर से एक-एक आरोप का तथ्यात्मक और कानूनी आधार पर जवाब दिया गया है, ताकि जनता के मन में फैली गलतफहमियों को दूर किया जा सके.
100 नहीं, अब 125 दिन का रोजगार
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि लोगों से काम का अधिकार छीना जा रहा है. शिवराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नई व्यवस्था में 100 दिन की जगह अब 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह कानून इसी साल पूरे देश में लागू होगा और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर किसी ग्रामीण को 15 दिन के भीतर काम नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा. यह प्रावधान सीधे तौर पर मजदूरों को सुरक्षा देता है और प्रशासन की जवाबदेही तय करता है.
उन्होंने यह भी साफ किया कि यह योजना हर ग्रामीण ग्राम पंचायत के दायरे में आएगी. इसका उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं, बल्कि गांवों में सम्मान के साथ आजीविका की मजबूत गारंटी तैयार करना है, ताकि लोगों को मजबूरी में शहरों की ओर पलायन न करना पड़े.
फसल के समय काम बंद होने का भ्रम
शिवराज सिंह चौहान ने उस दावे को भी गलत बताया जिसमें कहा जा रहा है कि फसल के समय काम बंद कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि राज्य सरकारों को केवल अधिकतम 60 दिन के लिए काम स्थगित करने का अधिकार दिया गया है, ताकि खेती के मौसम में मजदूरों की कमी न हो. इसका मतलब यह नहीं है कि रोजगार खत्म हो जाएगा. 125 दिन के काम की गारंटी पूरी तरह बनी रहेगी. यह केवल समय का समायोजन है, न कि मजदूरों के अधिकारों में कटौती.
मजदूरी, भुगतान और कानूनी सुरक्षा
सरकार ने मजदूरी को लेकर भी फैलाए जा रहे भ्रम को सिरे से खारिज किया है. नए कानून में साफ लिखा है कि हर साल मजदूरी दर घोषित की जाएगी और यह MGNREGA से अधिक होगी. भुगतान 7 से 14 दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा और अगर इसमें देरी होती है तो जुर्माना लगेगा. शिवराज ने कहा कि समय पर मजदूरी मिलना अब मजदूरों का कानूनी अधिकार होगा, कोई दया या विकल्प नहीं.
पंचायतों का अधिकार बरकरार, ठेकेदारों की एंट्री नहीं
VB-G RAM G को लेकर यह भी कहा जा रहा था कि ग्राम पंचायतों से अधिकार छिन जाएंगे और ठेकेदारों की एंट्री हो जाएगी. इस पर शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि यह दावा सरासर झूठ है. नए कानून में ग्राम पंचायतें ही काम तय करेंगी, योजनाएं बनाएंगी, ग्राम सभा से मंजूरी लेंगी और पूरे काम की निगरानी करेंगी. कानून में स्पष्ट लिखा है कि किसी भी स्तर पर ठेकेदारों की अनुमति नहीं होगी और कम से कम 50 फीसदी काम पंचायतों के माध्यम से ही कराया जाएगा.
मेट, रोजगार सहायक और स्टाफ सुरक्षित
एक और आशंका यह जताई जा रही थी कि मेट और रोजगार सहायक की भूमिका खत्म हो जाएगी. सरकार ने इसे भी गलत बताया है. नए कानून में प्रशासनिक खर्च की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे मेट, रोजगार सहायक, तकनीकी स्टाफ और सोशल ऑडिट टीमें पहले की तरह काम करती रहेंगी. इससे योजना की निगरानी और पारदर्शिता और मजबूत होगी.
राज्यों पर बोझ नहीं, निवेश है यह योजना
राज्य सरकारों पर बोझ पड़ने के दावे को भी सरकार ने आधी सच्चाई बताया है. शिवराज ने कहा कि केंद्र सरकार पहले से ज्यादा फंड दे रही है और इस योजना पर कुल अनुमानित खर्च करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये है. राज्यों का हिस्सा बोझ नहीं, बल्कि निवेश है, जिससे रोजगार बढ़ेगा, गांवों में टिकाऊ संपत्तियां बनेंगी और पलायन घटेगा. 60:40 और विशेष राज्यों के लिए 90:10 का वित्तीय ढांचा पहले से ही कई सफल योजनाओं में लागू है.
महिलाओं, SC/ST और गरीबों को प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि यह कानून महिलाओं, SC/ST परिवारों, दिव्यांगों और गरीब परिवारों को नुकसान नहीं, बल्कि प्राथमिकता देता है. ज्यादा काम के दिन, समय पर मजदूरी और मजबूत शिकायत निवारण व्यवस्था इसके अहम हिस्से हैं. शिवराज ने कहा कि इस कानून का मकसद भूख, कर्ज और मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करना है और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है.
अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस से अपील की कि वह गलत जानकारी फैलाकर जनता को भ्रमित करना बंद करे. उन्होंने कहा कि VB-G RAM G कानून पीछे जाने का नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को सुधारने और मजबूत करने का कदम है, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था को स्थायी सहारा मिलेगा.