ओडिशा में 63 लाख टन से अधिक धान की खरीदी, किसानों के खातों में पहुंचे 17395 करोड़ रुपये

2025- 26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए राज्य ने कुल 93 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है. खरीफ में 73 लाख टन और रबी में 20 लाख टन खरीद की योजना है. पिछले खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) में कुल 62,82,036 टन चावल में से मिलर्स ने 57,58,226 टन सप्लाई की है.

Kisan India
नोएडा | Published: 23 Feb, 2026 | 04:12 PM

Odisha News: ओडिशा में विपक्षी सदस्य धान खरीद और पंजीकृत किसानों को टोकन देने में कथित गड़बड़ियों को लेकर विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं, लेकिन आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि खरीद अभियान सामान्य रूप से जारी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 22 फरवरी तक 14,71,603 किसानों से 63,19,587 टन धान मंडियों में पहुंचा है. इसमें से 63,00,132 टन खरीदी जा चुकी है और 61,28,214 टन राइस मिलर्स द्वारा ले ली गई है, जबकि करीब 1,71,917 टन मंडियों में बाकी है. सरकार ने किसानों के खातों में कुल 17,395.89 करोड़ रुपये भेज दिए हैं, जिसमें 4,102 करोड़ रुपये इनपुट सहायता शामिल है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025- 26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए राज्य ने कुल 93 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है. खरीफ में 73 लाख टन (लगभग 50 लाख टन चावल के बराबर) और रबी में 20 लाख टन (लगभग 13 लाख टन चावल के बराबर) खरीद की योजना है. वहीं, सरकार को उम्मीद है कि 31 मार्च से पहले वह अपने लक्ष्य को हासिल कर लेगी.

धान मिलर्स द्वारा धीरे-धीरे उठाया जा रहा है

हालांकि जमीन स्तर पर चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, खासकर तटीय जिलों में जहां धान की खरीद  देर से शुरू हुई. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कई किसानों को टोकन मिलने के बावजूद उनका धान मिलर्स द्वारा धीरे-धीरे या बिल्कुल नहीं उठाया जा रहा, जिससे उन्हें बिक्री में परेशानी हो रही है. मिलर्स का कहना है कि इसमें मुख्य वजह गोदामों में जगह की कमी है. एक तटीय जिले के राइस मिलर  ने कहा कि पिछले सीजन (2024-25) की कस्टम मिलिंग अभी चल रही है, इसलिए गोदाम में जगह कम है. इसके अलावा, भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने रोक लगाई है कि जब तक पिछले साल का तय CMR केंद्रीय पूल में नहीं पहुंचाया जाता, तब तक इस साल के खरीफ धान की मिलिंग नहीं हो सकती.

मिलर्स ने 57,58,226 टन चावल की सप्लाई की है

पिछले खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) में कुल 62,82,036 टन चावल में से मिलर्स ने 57,58,226 टन सप्लाई की है. इसमें से 31,23,235 टन भारतीय खाद्य निगम (FCI) को और 26,34,991 टन राज्य सरकार को दिया गया. बाकी 5,75,668 टन FCI को अभी भी भेजा जाना बाकी है, जिससे गोदामों में जगह की कमी बनी हुई है. इसके अलावा, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने ओडिशा की चावल खरीद  कोटा राज्य की कई बार की मांग के बाद 50 लाख टन से बढ़ाकर 58 लाख टन कर दिया था. उस समय राज्य के पास लगभग 12 लाख टन चावल का अतिरिक्त स्टॉक भी था.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

खीरे की फसल के लिए किस प्रकार की मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है?