घर में उगाएं नीले फूल, 8 हजार रुपये किलो तक बिकती है इनसे बनी चाय

ब्लू टी को लोग सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए पीते हैं. माना जाता है कि यह चाय दिमाग को शांत करती है, तनाव कम करती है और शरीर को अंदर से डिटॉक्स करती है. यही वजह है कि हेल्थ-कॉन्शियस लोग इसके लिए अच्छी कीमत देने को तैयार रहते हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 7 Jan, 2026 | 10:38 AM

Blue pea flower farming: आज के समय में खेती सिर्फ गेहूं-धान तक सीमित नहीं रही. अब किसान और घरों में बागवानी करने वाले लोग ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनकी देखभाल आसान हो और कमाई जबरदस्त हो. इन्हीं में से एक हैं नीले रंग के खूबसूरत फूल, जिन्हें अपराजिता के नाम से जाना जाता है. देखने में जितने सुंदर, कमाई के मामले में उतने ही दमदार. इन फूलों से बनने वाली ब्लू टी की मांग देश ही नहीं, विदेशों तक तेजी से बढ़ रही है.

सजावटी नहीं, कमाई के फूल

अक्सर लोग अपराजिता सिर्फ सजावटी पौधा मानते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं आगे है. अपराजिता के नीले फूलों से ब्लू टी तैयार की जाती है. इस चाय अपने औषधीय गुणों के कारण काफी लोकप्रिय हो चुकी हैं. आयुर्वेद और नेचुरल लाइफस्टाइल की ओर बढ़ते रुझान ने इन फूलों की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है.

क्यों इतनी खास है ब्लू टी

ब्लू टी को लोग सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए पीते हैं. माना जाता है कि यह चाय दिमाग को शांत करती है, तनाव कम करती है और शरीर को अंदर से डिटॉक्स करती है. यही वजह है कि हेल्थ-कॉन्शियस लोग इसके लिए अच्छी कीमत देने को तैयार रहते हैं. अपराजिता के फूलों को सुखाकर जब बाजार में बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 7 से 8 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है.

विदेशों में भी जबरदस्त डिमांड

ब्लू टी और रेड टी की मांग सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. थाईलैंड, इंग्लैंड और कई यूरोपीय देशों में इन चायों का चलन तेजी से बढ़ रहा है. कुछ लोग तो अब अपराजिता के फूलों से चाय बनाकर अपनी खुद की छोटी-बड़ी कंपनियां भी चला रहे हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ऑर्गेनिक स्टोर्स पर इनकी अच्छी बिक्री हो रही है.

खेती आसान, खर्च बेहद कम

अपराजिता की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ज्यादा मेहनत या खर्च नहीं लगता. यह पौधा जल्दी बढ़ता है और ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं होती. एक ही पौधे से कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं. अगर मिट्टी उपजाऊ है और धूप ठीक से मिलती है, तो लागत लगभग नाममात्र की रह जाती है. यही वजह है कि छोटे किसान ही नहीं, घर में गमलों में उगाने वाले लोग भी इससे अच्छी कमाई कर रहे हैं.

घर से शुरू करें, बड़े मुनाफे तक पहुंचें

अगर आपके पास खेत नहीं है, तब भी निराश होने की जरूरत नहीं. अपराजिता के पौधे घर की छत, आंगन या गमलों में भी आसानी से उगाए जा सकते हैं. थोड़ी सी समझदारी और सही समय पर फूलों को सुखाकर बेचने से यह शौक एक मजबूत कमाई का जरिया बन सकता है.

बदलती खेती की नई पहचान

आज जब किसान पारंपरिक फसलों में नुकसान झेल रहे हैं, ऐसे में फूलों की यह खेती नई उम्मीद बनकर सामने आई है. कम लागत, आसान देखभाल और ऊंची कीमत—ये तीनों चीजें अपराजिता को खास बनाती हैं. अगर सही तरीके से इसकी खेती की जाए, तो ये नीले और लाल फूल न सिर्फ घर की शोभा बढ़ाएंगे, बल्कि आपकी आमदनी भी कई गुना कर सकते हैं.

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