पीला पड़ रहा है अपराजिता का पौधा? आज से ही शुरू करें ये काम, फूल-पत्तीयों से खिल उठेगा पौघा!
Aparajita Plant Care Tips: सर्दियों में आपके गार्डन की खूबसूरती बचाना चुनौती भरा हो सकता है, खासकर जब बात हो नाजुक पौधों की हो. इन्हीं में से एक है अपराजिता का पौधा, जिसकी हरी पत्तियां और रंग-बिरंगे फूल सभी का ध्यान खींचते हैं. सर्दियों में अक्सर इसके पत्ते पीले पड़ जाते हैं और पौधा मुरझा जाता है. लेकिन घबराइए नहीं… कुछ आसान लेकिन असरदार उपायों से आप अपने अपराजिता के पौधे को ठंडी हवा और कम धूप से बचा सकते हैं, ताकि यह पूरे सर्दियों में हरा-भरा और फूलों से लबालब रहे.

सर्दियों में तापमान बहुत गिर जाता है, जिससे जड़ों और मिट्टी में ठंड का असर सीधे पड़ता है. अपराजिता के पौधे की जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए पौधे के चारों ओर 3-5 इंच मोटी मल्च की परत लगाएं. मल्चिंग न केवल मिट्टी में नमी बनाए रखती है, बल्कि जड़ों को पर्याप्त गर्मी भी देती है.

अपराजिता के पौधे को हर दिन कम से कम 4-5 घंटे प्रत्यक्ष धूप मिलने की आवश्यकता होती है. पर्याप्त धूप मिलने से पौधा स्वस्थ रहता है, पत्तियों की हरी रंगत बनी रहती है और फूलों की कलियों का विकास सही समय पर होता है.

अपराजिता का पौधा फैलता है और इसके पत्ते और तने काफी विस्तृत होते हैं. इसलिए इसे बड़े गमले में लगाना सबसे बेहतर रहता है. बड़े गमले में पौधों की जड़ें आसानी से फैल सकती हैं, जिससे पौधा सही तरीके से बढ़ता है और पौधे की ग्रोथ बाधित नहीं होती.

सर्दियों में ठंडी हवा सीधे पौधों पर पड़ने से पत्तियां पीली पड़ सकती हैं और तने कमजोर हो जाते हैं. अपराजिता को ठंडी हवा से बचाने के लिए इसे घर के अंदर रखें या किसी शेड के नीचे रखें. अगर पौधा बाल्कनी या खुले गार्डन में है, तो उसके चारों ओर जूट का ढकाव या हरी मोटी चादर लगाकर हवा से सुरक्षा दी जा सकती है.

सर्दियों में अपराजिता का पौधा सुप्त अवस्था में चला जाता है, यानी उसका विकास धीमा हो जाता है. इस दौरान नियमित रूप से हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन अधिक पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. मिट्टी न तो सूखी हो और न ही पानी जमा हो.

अपराजिता के फूल और पत्तियां बहुत नाज़ुक होती हैं. सर्दियों में पौधे की पत्तियों का पीला पड़ना, मुरझाना या कलियों का न निकलना आम समस्या है. इसके लिए समय-समय पर पौधे को निरीक्षण करें, रोग और कीटों से बचाव करें और जरूरी हो तो जैविक कीटनाशक का इस्तेमाल करें.