New crop varieties: साल 2026 की शुरुआत भारतीय किसानों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर लेकर आई है. खेती को ज्यादा लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है. देश के किसानों को आज 25 प्रमुख फसलों की 184 नई उन्नत किस्में मिलने जा रही हैं. इन किस्मों का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज करेंगे. सरकार का मानना है कि ये नई किस्में खेती की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएंगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने में सीधा योगदान देंगी.
आज हो रहा है ऐतिहासिक लॉन्च कार्यक्रम
आज यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है, जहां देशभर के कृषि वैज्ञानिक, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. इस आयोजन का नेतृत्व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) कर रहा है. ICAR के वैज्ञानिकों ने इन किस्मों को वर्षों के शोध और प्रयोग के बाद तैयार किया है. आज लॉन्च होने वाली ये किस्में अलग-अलग जलवायु, मिट्टी और खेती की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं, ताकि देश के हर क्षेत्र के किसान इनका लाभ उठा सकें.
क्यों खास हैं ये नई उन्नत किस्में
बीते कुछ वर्षों में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है. कहीं बेमौसम बारिश किसानों की फसल खराब कर रही है, तो कहीं सूखा और पानी की कमी बड़ी चुनौती बन गई है. ऐसे हालात में पारंपरिक बीज कई बार टिक नहीं पाते. आज लॉन्च हो रही ये नई किस्में कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली, कीट और रोगों के प्रति ज्यादा सहनशील और बदलते मौसम के अनुकूल बनाई गई हैं. इससे खेती का जोखिम कम होगा और किसानों को ज्यादा भरोसेमंद उपज मिल सकेगी.
अनाज फसलों को मिला सबसे ज्यादा महत्व
आज जिन 184 किस्मों का शुभारंभ किया जा रहा है, उनमें से सबसे ज्यादा 122 किस्में अनाज फसलों की हैं. इनमें धान और मक्का पर विशेष फोकस किया गया है. धान की 60 और मक्का की 50 नई किस्में आज किसानों को समर्पित की जाएंगी. इसके अलावा ज्वार, बाजरा, रागी और अन्य छोटे मोटे अनाजों की उन्नत किस्में भी शामिल हैं. इससे मोटे अनाजों को बढ़ावा मिलेगा, जो पोषण और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
दाल और तिलहन उत्पादन को मिलेगी मजबूती
देश को दालों और खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी आज बड़ा कदम उठाया जा रहा है. अरहर, मूंग और उड़द जैसी दालों की 6 नई किस्में लॉन्च की जा रही हैं. वहीं सरसों, मूंगफली, तिल, अरंडी और कुसुम जैसी तिलहन फसलों की 13 उन्नत किस्में भी आज जारी होंगी. इन किस्मों से उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और आयात पर निर्भरता कम होगी.
कपास, गन्ना और चारा फसलों के किसानों को भी फायदा
आज लॉन्च होने वाली किस्मों में कपास, गन्ना और चारा फसलों को भी शामिल किया गया है. कपास की 24 नई किस्में आज जारी होंगी, जिनमें 22 बीटी कपास की किस्में हैं. इससे कपास किसानों को कीटों से बेहतर सुरक्षा मिलेगी. गन्ने की 6 नई किस्में और चारा फसलों की 11 किस्में पशुपालकों और मिश्रित खेती करने वाले किसानों के लिए खास फायदेमंद साबित होंगी. इसके साथ ही जूट और तंबाकू की भी एक-एक नई किस्म आज किसानों को दी जा रही है.
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम
सरकार का साफ मानना है कि बेहतर बीज ही बेहतर खेती की नींव होते हैं. आज लॉन्च हो रही ये 184 नई उन्नत किस्में न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगी, बल्कि गुणवत्ता में सुधार कर किसानों को बाजार में बेहतर कीमत दिलाने का रास्ता भी खोलेंगी. खेती की लागत कम होने और जोखिम घटने से किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है.
वहीं, आज का दिन भारतीय कृषि के लिए बेहद अहम है. 2026 की शुरुआत में मिल रही यह सौगात किसानों को नई ताकत देगी और खेती को भविष्य के लिए ज्यादा मजबूत और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है.