Maize Farming: सरकार दे रही 50 फीसदी सब्सिडी, मक्के की खेती से अब कम लागत में ज्यादा मुनाफा

उत्तर प्रदेश में मक्का किसानों को राहत देने के लिए सरकार बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान और तय एमएसपी दे रही है. इससे खेती की लागत घटेगी और किसानों को पक्का दाम मिलेगा. हाइब्रिड बीज से कम समय में ज्यादा उत्पादन संभव है, जिससे मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 21 Feb, 2026 | 10:28 PM

Maize Farming: खेती में सबसे बड़ी चिंता होती है लागत और सही दाम की. लेकिन अब मक्का किसानों के लिए राहत की खबर है. उत्तर प्रदेश सरकार ऐसी योजनाएं लेकर आई है, जिसमें बीज पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा है और फसल पर तय न्यूनतम समर्थन मूल्य भी दिया जा रहा है. यानी मेहनत आपकी, लेकिन शुरुआत का खर्च कम करने में सरकार साथ दे रही है. इससे मक्का की खेती अब पहले से ज्यादा फायदेमंद बनती दिख रही है.

कम समय में ज्यादा पैदावार, बाजार में भी अच्छी मांग

आजकल मोटे अनाज की मांग  तेजी से बढ़ रही है. मक्का भी उसी में शामिल है. पशु आहार, खाद्य उत्पाद और कई उद्योगों में मक्का का इस्तेमाल होता है. इसलिए बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिल रही है. अगर किसान सही समय पर बुवाई करें, तो एक हेक्टेयर में लगभग 120 कुंतल तक उत्पादन मिल सकता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने मक्का पर 2400 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय किया है. इससे किसानों को भरोसा रहता है कि फसल बेचते समय उन्हें न्यूनतम दाम जरूर मिलेगा. इतने कम समय में तैयार होने वाली और इतनी अच्छी आमदनी देने वाली फसल बहुत कम होती हैं.

बुवाई का सही समय और सरकारी सहयोग

इस समय जायद की बुवाई  चल रही है और फरवरी के अंत तक मक्का बोया जा सकता है. समय पर बुवाई करने से उत्पादन बेहतर होता है. सरकार की तरफ से किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, जो सीधे उनके खाते में भेजी जाती है. इससे पारदर्शिता भी बनी रहती है और किसानों को समय पर मदद मिलती है. सरकार ने बीज की आपूर्ति के लिए कंपनियों से भी समझौता किया है, ताकि किसानों को गुणवत्ता वाला बीज मिल सके. अच्छी किस्म का बीज, सही समय पर बुवाई और तय एमएसपी-इन तीन बातों से मक्का की खेती अब ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी बन रही है.

दो योजनाएं, किसानों को सीधा फायदा

मक्का की खेती  बढ़ाने के लिए सरकार दो बड़ी योजनाएं चला रही है. पहली है तृप्ति विकास मक्का योजना और दूसरी शंकर मक्का योजना. इन योजनाओं के तहत किसानों को बीज सस्ती दर पर या अनुदान के साथ दिया जा रहा है. कुछ क्षेत्र में सामान्य बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि शंकर यानी हाइब्रिड मक्का के बीज पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. हाइब्रिड मक्का की खास बात यह है कि यह पारंपरिक किस्मों से जल्दी तैयार हो जाती है और पैदावार भी ज्यादा देती है. इससे किसानों को कम समय में ज्यादा उत्पादन मिलता है. यही वजह है कि अब अधिक किसान इस ओर रुख कर रहे हैं.

मक्का से बदलेगी किसानों की तस्वीर

कम लागत, ज्यादा उत्पादन और पक्का दाम-यही हर किसान की चाहत होती है. मक्का की इन योजनाओं से किसानों को यही भरोसा मिल रहा है. जो किसान अभी तक दूसरी फसलों पर निर्भर थे, वे भी अब मक्का की खेती  में रुचि दिखा रहे हैं. अगर इसी तरह योजनाओं का लाभ मिलता रहा, तो मक्का किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है. आसान शब्दों में कहें तो अब मक्का की खेती मेहनत के साथ-साथ अच्छा मुनाफा भी दे रही है.

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Published: 21 Feb, 2026 | 10:28 PM

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