अब दिवंगत किसानों के फसल बीमा क्लेम का होगा तुरंत भुगतान, राजस्थान सरकार ने आसान किए नियम

राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत दी है. अब दिवंगत किसानों के लंबित बीमा दावों का निपटारा आसान और तेज़ होगा. नई व्यवस्था से परिवारों को कम दस्तावेजों में क्लेम राशि मिल सकेगी. सरकार का मानना है कि इससे हजारों किसान परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिलेगी.

नई दिल्ली | Published: 31 May, 2026 | 10:33 AM

Crop Insurance: राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. सरकार के अनुसार अब दिवंगत किसानों के लंबित फसल बीमा दावों का निस्तारण पहले से अधिक आसान और तेज होगा. ये निर्णय उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके बीमा क्लेम लंबे समय से अटके हुए थे. सरकार का उद्देश्य प्रभावित किसान परिवारों को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है.

पुरानी व्यवस्था से होती थी परेशानी

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के अनुसार, पहले किसी किसान की मृत्यु होने पर उसके वारिसों को फसल बीमा क्लेम  पाने के लिए न्यायालय से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना पड़ता था. यह प्रक्रिया जटिल, खर्चीली और काफी समय लेने वाली थी. इसके कारण कई किसान परिवार समय पर बीमा राशि प्राप्त नहीं कर पाते थे और बड़ी संख्या में दावे वर्षों तक लंबित रहते थे. किसानों और उनके परिवारों की इस परेशानी को देखते हुए राजस्थान सरकार ने बीमा कंपनियों को नए निर्देश जारी किए हैं. अब नियमों को सरल बनाया गया है, जिससे वारिसों को फसल बीमा क्लेम का भुगतान जल्द मिल सकेगा.

मनोनयन और वारिसनामा से मिलेगा भुगतान

राजस्थान सरकार के अनुसार यदि किसान ने राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल  पर किसी सदस्य को मनोनीत किया है, तो बीमा राशि सीधे उसी व्यक्ति को दी जाएगी. यदि मनोनयन उपलब्ध नहीं है, तो उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, तहसीलदार या पटवारी द्वारा जारी वारिसनामा अथवा परिवार की सहमति से अधिकृत सदस्य को भुगतान किया जा सकेगा. सरकार का कहना है कि इससे लंबित दावों के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी और परिवारों को जल्द राहत मिलेगी.

अब 50 रुपये के शपथ पत्र से भी बनेगा काम

सरकार ने प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए नया प्रावधान लागू किया है. यदि परिवार में किसी प्रकार का विवाद नहीं है, तो सभी सदस्य 50 रुपये के नोटरी स्टाम्प पर शपथ पत्र देकर किसी एक सदस्य को अधिकृत कर सकते हैं. इसके बाद बीमा कंपनी सीधे उसी सदस्य के बैंक खाते में क्लेम राशि जमा कर सकेगी. इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते की प्रति और पारिवारिक सहमति शपथ पत्र जैसे दस्तावेज पर्याप्त होंगे.

कृषि विभाग ने सभी बीमा कंपनियों  को निर्देश दिए हैं कि दिवंगत किसानों के लंबित दावों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए. सरकार का मानना है कि इस फैसले से हजारों किसान परिवारों को फायदा मिलेगा और लंबे समय से अटके फसल बीमा क्लेम का जल्द भुगतान संभव हो सकेगा. राज्य सरकार के इस कदम को किसान हित में बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है.

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