ऑयल इंडिया लिमिटेड को अंडमान में मिला प्राकृतिक गैस का बड़ा भंडार, भारत की ऊर्जा ताकत को मिलेगा नया बूस्ट

Natural Gas Discovery India: अंडमान सागर में ऑयल इंडिया लिमिटेड को प्राकृतिक गैस का नया भंडार मिला है. यह खोज अंडमान द्वीप के पूर्वी तट से 15 किमी दूर ‘श्री विजयपुरम-3’ कुएं में हुई है. सरकार के ‘समुद्र मंथन मिशन’ के तहत मिली इस सफलता से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने और तेल-गैस आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है.

नोएडा | Published: 6 Jun, 2026 | 07:58 AM

Andaman Sea Exploration: भारत को ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी मिली है. सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान सागर में नेचुरल गैस का नया भंडार खोजा है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि यह खोज देश के लिए काफी अहम मानी जा रही है और इससे ऊर्जा क्षेत्र में नए मौके खुल सकते हैं.

यह गैस अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से करीब 15 किलोमीटर दूर समुद्र में मिले एक खोजी कुएं में पाई गई है. इस खोज से देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. साथ ही, विदेशों से तेल और गैस खरीदने पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम हो सकती है.

समुद्र के अंदर हुई महत्वपूर्ण खोज

ऑयल इंडिया लिमिटेड ने इस खोज के लिए समुद्र में करीब 355 मीटर गहरे इलाके में ड्रिलिंग की थी. जांच के दौरान कंपनी ने 1,900 मीटर से भी ज्यादा गहराई तक खुदाई की. शुरुआती परीक्षण में लगातार गैस निकलने के संकेत मिले, जिसके बाद वहां प्राकृतिक गैस होने की पुष्टि हुई. फिलहाल वैज्ञानिक और विशेषज्ञ गैस के नमूनों की जांच कर रहे हैं. इस जांच से पता लगाया जाएगा कि गैस की क्वालिटी कैसी है, इससे कितनी ऊर्जा मिल सकती है और यह किस सोर्स से आई है. इन सभी जानकारियों के आधार पर आगे यह तय किया जाएगा कि इस गैस भंडार का व्यावसायिक स्तर पर कितना फायदा उठाया जा सकता है.

‘समुद्र मंथन मिशन’ के तहत मिली सफलता

यह खोज केंद्र सरकार के ‘समुद्र मंथन मिशन’ के तहत हुई है. इस मिशन का मकसद समुद्र के अंदर मौजूद तेल और गैस के नए भंडारों की तलाश को तेज करना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल के तहत समुद्र के गहरे इलाकों में बड़े स्तर पर खोज अभियान चलाए जा रहे हैं. सरकार की कोशिश है कि देश में ही ज्यादा से ज्यादा तेल और गैस का उत्पादन हो, ताकि ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों पर निर्भरता कम की जा सके. अंडमान सागर में मिली यह नई खोज इसी दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है.

अंडमान बेसिन में बढ़ रही उम्मीदें

ऑयल इंडिया लिमिटेड के मुताबिक, अंडमान क्षेत्र में चल रहे खोज अभियान के दौरान अब तक तीन जगहों पर खोजी कुएं खोदे जा चुके हैं. इनमें से दो कुओं में तेल या गैस होने के संकेत मिले हैं. यह इस बात का संकेत है कि अंडमान क्षेत्र में ऊर्जा संसाधनों की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं. अगर आगे की जांच और परीक्षण सफल रहते हैं, तो अंडमान बेसिन आने वाले समय में देश के लिए तेल और गैस का एक बड़ा केंद्र बन सकता है. इससे न सिर्फ देश में ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि विदेशों से तेल और गैस खरीदने पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है.

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम

भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां तेल और गैस की मांग काफी ज्यादा है. अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए देश को बड़ी मात्रा में तेल और गैस विदेशों से मंगानी पड़ती है. ऐसे में देश के भीतर नए तेल और गैस भंडार मिलना काफी अहम माना जाता है. अंडमान सागर में मिली नेचुरल गैस की यह खोज भविष्य में देश के ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकती है. इससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना आसान होगा और विदेशों से तेल-गैस खरीदने पर होने वाला खर्च भी कुछ हद तक कम हो सकता है.

आगे क्या होगा?

अब ऑयल इंडिया लिमिटेड इस गैस की विस्तार से जांच करेगी. इसके बाद तय किया जाएगा कि यहां से बड़े पैमाने पर गैस का उत्पादन शुरू किया जा सकता है या नहीं. सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि, समुद्र में तेल और गैस की खोज को और तेज करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी. अगर आगे भी ऐसी सफल खोजें होती रहीं, तो भारत ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है.

अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस की यह खोज देश के लिए एक अच्छी खबर मानी जा रही है. आने वाले समय में इसका फायदा देश के ऊर्जा क्षेत्र और ऊर्जा नीतियों में भी देखने को मिल सकता है.

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