धान खरीद में बड़ा घोटाला पकड़ा, दो समितियों के गोदाम से गायब हो गया 1700 क्विंटल धान

Paddy Scam Chhattisgarh : ग्रामीणों ने मालवाहक वाहन में भरे धान को पकड़कर मामले की जानकारी प्रशासन को दी. मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और समिति प्रबंधक सहित इस कृत्य में संलिप्त कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

Kisan India
नोएडा | Published: 15 May, 2026 | 04:31 PM

छत्तीसगढ़ में धान खरीद के बाद गोदाम से 1700 क्विंटल धान गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद दो सहकारी समितियों के गोदाम से यह धान गायब हो गया. जब पूछताछ की गई तो संबंधित गोदाम के कर्मचारियों ने धान के सूख जाने की बात कहकर घोटाला छिपाने की कोशिश की. मामले में पुलिस ने दोनों समितियों के प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटर को लिप्त पाया है और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. जबकि, मामले में अन्य कई के शामिल होने की आशंका पर जांच की जा रही है.

दो सहकारी समितियों में धान घोटाला

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है. जिले की दो सेवा सहकारी समितियों में धान को “सूखत” सूख जाने की बात कहकर लाखों रुपये के गबन किए जाने के आरोप में खाद्य विभाग ने समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों से पूछताछ शुरू की गई तो मामला खुल गया. जिला खाद्य अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

गोदाम में 1700 क्विंटल शॉर्टेज मिला धान

जिला खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने मीडिया को बताया कि ग्राम कुहीकला धान संग्रहण केंद्र में करीब 1700 क्विंटल धान को शॉर्टेज दिखाया गया. धान की सूखत बताकर लगभग 63 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है. वहीं जिले के मोहारा धान संग्रहण केंद्र में समिति प्रबंधक द्वारा 995 क्विंटल धान, जिसकी कीमत करीब 30 लाख 86 हजार रुपये बताई जा रही है, को रिकॉर्ड में सूखत दर्शाकर गायब करने की कथित साजिश का खुलासा ग्रामीणों ने किया.

धान उठान के नाम पर निजी व्यापारियों को बेच डाली उपज

ग्रामीणों ने मालवाहक वाहन में भरे धान को पकड़कर मामले की जानकारी प्रशासन को दी. मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और समिति प्रबंधक सहित इस कृत्य में संलिप्त कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. जिला खाद्य अधिकारी ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान को उठाव के नाम पर कोचियों को बेच दिया गया.

बिना रजिस्ट्रेशन धान खरीद के बाद भुगतान नहीं करने के भी आरोप

धान खरीदी में सामने आए इस बड़े घोटाले के बाद सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. वहीं, समितियों पर कई किसानों का निजी तौर पर धान खरीदने के बाद पेमेंट नहीं करने के भी आरोप लगे हैं. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और आने वाले दिनों में अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.

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