तेलंगाना में बढ़ेगा धान खरीद का कोटा? सीएमआर भी मुद्दा.. राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा लेटर

तेलंगाना सरकार ने रबी 2025-26 सीजन के लिए धान खरीद कोटा बढ़ाने और CMR जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. रिकॉर्ड उत्पादन और भंडारण दबाव के चलते यह कदम जरूरी बताया गया है. राज्य ने केंद्र से उत्पादन के अनुसार लक्ष्य तय करने और किसानों को समय पर MSP लाभ देने की अपील की है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 24 Jun, 2026 | 11:22 AM

Paddy Purchase: धान की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबड़ी है. तेलंगाना सरकार ने केंद्र से यासंगी (रबी) 2025-26 सीजन के लिए धान खरीद का कोटा बढ़ाने और कस्टम मिल्ड राइस (CMR) जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. सरकार का कहना है कि इस बार रिकॉर्ड मात्रा में धान की खरीद हुई है, जिससे भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. इसी कारण समय सीमा बढ़ाना जरूरी हो गया है. इस संबंध में सिंचाई और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी और कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा  है.

राज्य सरकार ने कहा है कि मौजूदा लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन चावल का है, जबकि इसे बढ़ाकर 54.5 लाख मीट्रिक टन किया जाना चाहिए, जो राज्य द्वारा पहले से खरीदे गए 80.09 लाख मीट्रिक टन धान के बराबर है. मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि केंद्र द्वारा तय किया गया लक्ष्य तेलंगाना के उत्पादन अनुमान से काफी कम है. उन्होंने कहा कि 2025-26 विपणन सीजन में राज्य ने वानाकालम (खरीफ) और यासंगी (रबी) दोनों सीजन मिलाकर 152 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद  की है. सरकार का कहना है कि किसानों के हित में वह तय सीमा से अधिक धान खरीदती रही है.

मंत्री ने समय सीमा बढ़ाने की मांग की

तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना सरकार ने केंद्र से कस्टम मिल्ड राइस  (CMR) जमा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. सरकार ने रबी 2024-25 के लिए 60 दिन और खरीफ 2025-26 के लिए 120 दिन का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है. सरकार का कहना है कि एक साथ चल रही खरीद प्रक्रिया, भंडारण की कमी, मिलिंग क्षमता पर दबाव और मौसम की अनियमितता के कारण समय पर आपूर्ति करना मुश्किल हो रहा है.

उबले चावल की आपूर्ति की अनुमति दी जाए

मंत्रियों ने यह भी आग्रह किया कि रबी फसल से बने उबले (parboiled) चावल की आपूर्ति की अनुमति दी जाए, क्योंकि बड़ी मात्रा में धान इसके लिए उपयुक्त है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र से अपील की है कि भविष्य में खरीद लक्ष्य तेलंगाना के उत्पादन अनुमान के अनुसार तय किए जाएं, ताकि किसानों को समय पर MSP का लाभ मिल सके.

सुपरफाइन धान की किस्मों पर मिलेगा बोनस

बता दें कि तेलंगाना सरकार ने पिछले हफ्ते ही फैसला किया था कि अब सिर्फ सात सुपरफाइन धान की किस्मों  पर ही किसानों को बोनस दिया जाएगा. कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा था कि इन किस्मों में बीपीटी-5204 (सांबा मसूरी), आरएनआर-15048 (तेलंगाना सोना), एचएमटी सोना, जय श्रीराम, केएनएम-1638, डब्ल्यूजीएल-44 और जेएनएम-7715 शामिल हैं. सरकार का मानना है कि इस फैसले से सुपरफाइन धान की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसान अधिक क्षेत्र में इन किस्मों की खेती करेंगे.

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Published: 24 Jun, 2026 | 09:57 AM

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