पिंक पेट्रोल पर नया स्टिकर? तमिलनाडु की सिंगापेन स्पेशल फोर्स पर छिड़ी बहस, जानें क्या है पूरा मामला

Pink Patrol: तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिंगापेन स्पेशल फोर्स यूनिट की शुरुआत की है. सरकार इसे आधुनिक और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बता रही है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह पुरानी पिंक पेट्रोल योजना का नया रूप है. नई पहल को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई है.

नोएडा | Published: 11 Jun, 2026 | 03:09 PM

Singapen Special Force: तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘सिंगापेन स्पेशल फोर्स’ नाम की नई महिला सुरक्षा इकाई शुरू की है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इसे महिलाओं के लिए बड़ा सुरक्षा कवच बताया है, लेकिन इसके लॉन्च के साथ ही राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया. डीएमके नेता गीता जीवन ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने उनकी सरकार की पिंक पेट्रोल योजना (Pink Patrol) को सिर्फ नया नाम देकर पेश किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है और सरकार नई घोषणाओं के जरिए लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रही है.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई फोर्स का ऐलान

चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय  ने ‘सिंगापेन स्पेशल फोर्स’ यूनिट की शुरुआत की. सरकार के मुताबिक यह पूरी तरह महिला कर्मियों वाली विशेष त्वरित प्रतिक्रिया इकाई होगी. इसके पहले चरण के लिए 354 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. साथ ही आने वाले समय में 2,500 नए रोजगार भी दिए जाएंगे. यह फोर्स स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देगी.

अम्मा पेट्रोल और पिंक पेट्रोल से क्या है फर्क?

तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पहले भी कई योजनाएं चलाई  जा चुकी हैं. वर्ष 2019 में अम्मा पेट्रोल शुरू की गई थी, जबकि बाद में डीएमके सरकार ने पिंक पेट्रोल का विस्तार किया. इन योजनाओं के तहत महिला पुलिसकर्मियों वाली विशेष गाड़ियां तैनात की गई थीं. सरकार का दावा है कि नई फोर्स सिर्फ गश्त तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध रोकने, जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को भी मजबूत करेगी.

विपक्ष ने बताया पुरानी योजना का नया संस्करण

डीएमके नेता गीता जीवन ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि टीवीके सरकार ने पिंक पेट्रोल पर सिर्फ नया नाम चिपका दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है, जबकि सरकार नई घोषणाओं  के जरिए लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. विपक्ष का मानना है कि नई ब्रांडिंग के बजाय मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है.

बढ़ते अपराधों के बीच होगी असली परीक्षा

महिलाओं के खिलाफ  बढ़ते अपराधों के बीच सिंगापेन स्पेशल फोर्स की शुरुआत हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी विशेष इकाइयां अपराधियों में डर पैदा कर सकती हैं और महिलाओं का भरोसा बढ़ा सकती हैं. हालांकि इसकी सफलता बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त संसाधन, मजबूत निगरानी और त्वरित कार्रवाई पर निर्भर करेगी. अब देखने वाली बात होगी कि यह नई फोर्स जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाती है और क्या महिलाओं को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस करा पाती है.

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