बिहार के औरंगाबाद में खाद के लिए लाइन में लगे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे कई किसान घायल हुए हैं. गंभीर रूप से घायल किसान को गया एम्स में भर्ती कराया गया है. अखिल भारतीय किसान सभा ने पुलिस की दमनकारी कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए दोषी पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है. किसान नेता राम चंद्र महतो ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो उनका संगठन गांव-गांव में बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा.
अखिल भारतीय किसान सभा के बिहार राज्य सचिव रामचंद्र महतो ने किसान इंडिया को बताया कि औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड में इफको का खाद वितरण केंद्र है. वहां पर इलाके के किसान खाद लेने के लिए सुबह 10 बजे से लाइन में लगे थे. जब 10 बजे इफको का खाद केंद्र खोला गया था तो भीड़ बढ़ गई. इलाके के प्रभारी थानाध्यक्ष अशोक कुमार दास के नेतृत्व में डायल 112 वाहन चालक सिपाही ने अपने चहेते लोगों को पहले खाद दिलाने के लिए लाइन में आगे खड़ा किया और पहले से खड़े किसान को लाइन से बाहर निकाल दिया.
लाठी की चोट से किसान के आंख की रोशनी गई, एम्स में भर्ती
किसान नेता रामचंद्र महतो ने बताया कि इस पर किसानों ने विरोध किया तो सिपाही ने थाने से फोर्स बुला लिया. मौके पर पुलिस की तीन गाड़ियों में पुलिसकर्मी पहुंचे और किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया. उन्होंने बताया कि 30 किलोमीटर दूर से आए किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन पुलिस के लाठियां बरसाने से 10 से ज्यादा किसान घायल हो गए हैं. जिनमें से किसान बद्रीनारायण को गंभीर चोटें आई हैं, उन्हें पहले नजीदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गया मेडिकल कॉलेज ट्रांसफर किया गया और फिर वहां से एम्स में किसान का इलाज चल रहा है और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई है. जबकि, अन्य घायल किसानों में लवकुश कुमार एवं भीम कुमार सिंह शामिल हैं.
सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करने में फेल है
अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन क्षीरसागर ने औरंगाबाद (बिहार) के गोह प्रखंड मुख्यालय में किसानों पर किए गए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार न केवल किसानों को आवश्यक एवं पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने में विफल रही है, बल्कि अमेरिका-इजराइल के आगे समर्पण की अपनी विफल विदेश नीति के कारण देश में खाद का संकट पैदा कर दिया है. इसी ‘डबल इंजन’ की सरकार आज भूखे-प्यासे, कतार में खड़े किसानों पर लाठी बरसा रही है.
लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर हो
किसान नेता रामचंद्र महतो ने बताया कि अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधी मंडल ने सहरसा गांव का दौरा कर पिडीतों से मुलाकात की है. उन्होंने बताया कि पीड़ित किसान बद्रीनारायण द्विवेदी ने FIR दर्ज करने का आवेदन थाने में दिया, लेकिन सैकड़ों प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज के बावजूद अब तक कोई FIR पंजीकृत नहीं हुई.

लाठीचार्ज में घायल किसान ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए तहरीर दी है.
दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का ऐलान
- लाठीचार्ज के मास्टरमाइंड थानाध्यक्ष अशोक कुमार दास, डायल 112 चालक और समस्त दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए.
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प्रत्येक घायल किसान को तुरंत 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए – यह राशि दोषी पुलिसकर्मियों के वेतन से जब्त करके दी जाए.
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गोह प्रखंड सहित पुरे बिहार में उर्वरक की पर्याप्त एवं पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। देश में खाद का संकट तत्काल दूर किया जाए – इसके लिए अमेरिका-इज़राइल के आगे समर्पण की विदेश नीति बदली जाए