सेब खरीद में कथित गड़बड़ी से मचा हड़कंप, HPMC-Himfed पर सवाल.. सख्त कार्रवाई की मांग

हिमाचल एप्पल ग्रोअर्स एसोसिएशन ने MIS के तहत सेब खरीद में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग की है. संगठन ने अधिकारियों और कलेक्शन सेंटर कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है. वहीं, अडानी एग्री फ्रेश ने सेब के खरीद भाव घोषित किए हैं. प्रीमियम सेब का रेट 108 रुपये किलो तय किया गया है, जबकि अंडरसाइज सेब 20 रुपये किलो रहेगा.

नोएडा | Updated On: 31 Aug, 2026 | 08:02 PM

हिमाचल एप्पल ग्रोअर्स एसोसिएशन ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत सेब खरीद में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई है. संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है. साथ ही, जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. हिमाचल एप्पल ग्रोअर्स एसोसिएशन की राज्य समिति के सदस्य संजय चौहान ने जारी बयान में सेब खरीद में कथित गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि खरीद के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कलेक्शन सेंटरों पर तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी अनियमितता संभव नहीं है.

उन्होंने सरकार से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की. विधानसभा में भी सेब खरीद में गड़बड़ी की बात सामने आई है. संजय चौहान ने कहा कि विधानसभा में एक विधायक के सवाल के जवाब में बागवानी मंत्री ने भी MIS के तहत सेब खरीद में अनियमितताओं की बात स्वीकार की थी. इसके बाद योजना के तहत सेब खरीद की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.

अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

उन्होंने खास तौर पर हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (HPMC) और Himfed की भूमिका पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि सेब खरीद में गड़बड़ी की पूरी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. हिमाचल एप्पल ग्रोअर्स एसोसिएशन के राज्य समिति सदस्य संजय चौहान ने कहा कि खरीद में इतनी बड़ी गड़बड़ी अधिकारियों और कलेक्शन सेंटरों पर तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत  के बिना संभव नहीं है. उन्होंने सरकार से जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की.

MIS खरीद में पारदर्शिता की मांग

एसोसिएशन ने भविष्य में ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह खरीद व्यवस्था बनाने की मांग की है. साथ ही, कलेक्शन सेंटरों पर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए स्पष्ट नियम बनाने और नियुक्तियों में राजनीतिक या किसी अन्य तरह के हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की गई है.संगठन ने केंद्र सरकार से MIS को जारी रखने और इसका बजट फिर से कम से कम 1,500 करोड़ रुपये करने की अपील की है. इसके अलावा राज्य को मिलने वाली लंबित राशि जारी करने और सेब किसानों का बकाया MIS भुगतान जल्द करने की भी मांग की गई है.

हिमाचल में अडानी एग्री फ्रेश ने तय किए सेब के खरीद भाव

अडानी एग्री फ्रेश लिमिटेड ने हिमाचल प्रदेश में इस सीजन सेब खरीद के लिए अलग-अलग ग्रेड के दाम तय कर दिए हैं. कंपनी 80 से 100 फीसदी रंग वाले प्रीमियम क्वालिटी के सेब 108 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेगी. कंपनी ने एक्स्ट्रा-स्मॉल साइज के सेब का भाव 89 रुपये प्रति किलो तय किया है. वहीं, सबसे निचली ग्रेड ‘पिट्टू’ और एक्स्ट्रा-लार्ज साइज के सेब के लिए 60 रुपये प्रति किलो मिलेंगे. 60 से 80 फीसदी रंग वाले सेबों के लिए पिट्टू और एक्स्ट्रा-लार्ज ग्रेड का भाव 43 रुपये, एक्स्ट्रा-स्मॉल का 67 रुपये और लार्ज, मीडियम व स्मॉल ग्रेड का भाव 80 रुपये प्रति किलो तय किया गया है. वहीं, सबसे छोटे यानी अंडरसाइज सेब का न्यूनतम भाव 20 रुपये प्रति किलो रखा गया है. कंपनी ने इस बार खरीद के दाम आमतौर पर तय होने की तारीख से कुछ दिन बाद जारी किए हैं..

Published: 31 Aug, 2026 | 10:22 PM

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