विकसित ग्राम-विकसित भारत का साझा रोडमैप जारी, 1 जुलाई से लागू होगी नई रोजगार योजना
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित ग्राम-विकसित भारत का साझा रोडमैप पेश किया. 1 जुलाई से नई रोजगार योजना, लखपति दीदी मिशन, AI आधारित मॉनिटरिंग और हर पात्र को आवास देने सहित कई बड़े फैसलों की घोषणा की.
देश के ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन “ग्रामोदय से राष्ट्रोदय” के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ व्यापक मंथन किया. सम्मेलन में विकसित ग्राम–विकसित भारत के विजन को जमीन पर उतारने के लिए साझा रणनीति तैयार की गई.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव केवल धूल–मिट्टी या चौपाल का नाम नहीं हैं, बल्कि भारत की शक्ति, चेतना और आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का रास्ता विकसित गांवों से होकर जाता है. जब तक गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न नहीं होंगे, तब तक विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता.
पहली बार एक मंच पर जुटे 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री
सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पहली बार देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति–निर्माता एक मंच पर एकत्र हुए. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित विभिन्न राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया. इसे सहकारी संघवाद का जीवंत उदाहरण बताया गया, जहां राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता दी गई.
1 जुलाई से पूरे देश में लागू होगी ‘विकसित भारत जी राम जी‘ योजना
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 1 जुलाई से “विकसित भारत–जी राम जी” योजना पूरे देश में लागू होगी, जो मनरेगा का स्थान लेगी. इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 95,682 करोड़ रुपये की अंतरिम स्वीकृति दी जा चुकी है.
उन्होंने राज्यों से समय पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की ताकि योजना का प्रभावी और सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके.
सभी को मिलेगा घर, कोई नहीं रहेगा वंचित
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को आवास उपलब्ध कराया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे. प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने सराहनीय कार्य किया है, जबकि कुछ राज्यों को अपने प्रदर्शन में सुधार की आवश्यकता है.
उन्होंने भूमिहीन लाभार्थियों को जमीन उपलब्ध कराने तथा लंबित आवासों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया.
लखपति दीदी मिशन को नई रफ्तार
सम्मेलन के दौरान ‘लखपति दीदी डैशबोर्ड‘ लॉन्च किया गया. साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए ‘SHE LEAPS’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया गया.
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का बैंक लिंकिंग रोडमैप तैयार किया गया है.
राज्यों को दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
सम्मेलन में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्री ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. शिवराज सिंह ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई अहम बिंदु रखे– राज्यों को समय पर अपना वित्तीय हिस्सा जारी करना होगा, ग्रामीण विकास से जुड़े खाली पदों को शीघ्र भरना जरूरी, अधिकारियों के बार–बार ट्रांसफर से काम प्रभावित होता है, जिम्मेदार पदों पर अधिकारियों को कम से कम दो‑तीन वर्ष एक ही स्थान पर रखा जाए, योजनाओं के प्रचार–प्रसार और जनजागरूकता पर विशेष ध्यान, सोशल ऑडिट और AI आधारित मॉनिटरिंग को मजबूत करने की जरूरत.
राज्यों की सफल योजनाएं पूरे देश में होंगी साझा
शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की सफल पहलों का उल्लेख किया. उन्होंने मल्टी–चैनल मार्केटिंग, सामुदायिक उद्यम और हाउसहोल्ड आजीविका ऋण जैसे मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि इन बेस्ट प्रैक्टिस को सभी राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि पूरे देश में अच्छे मॉडल अपनाए जा सकें.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई योजनाओं और प्रक्रियाओं में अभी सुधार की गुंजाइश है. यदि राज्यों को किसी नियम या प्रक्रिया में व्यावहारिक कठिनाई आती है तो ग्रामीण विकास मंत्रालय, कैबिनेट और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर आवश्यक संशोधन की दिशा में कार्य करेगा.
कम बारिश की आशंका पर 14 राज्यों के लिए अलर्ट
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संभावित कम बारिश को देखते हुए 14 राज्यों के लिए चेतावनी जारी की. उन्होंने राज्यों को जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार की तैयारी रखने के निर्देश दिए ताकि किसी भी स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके.
राजनीति से ऊपर उठकर सहभागिता का दिया संदेश
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि सहभागिता का है. उन्होंने कहा कि केंद्र नीति बनाए, राज्य उसे प्रभावी ढंग से लागू करें, पंचायत नेतृत्व करे और जनता सक्रिय भागीदारी निभाए. इसी मॉडल से ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदली जा सकती है.
युवाओं और नवाचार को मिला प्रोत्साहन
सम्मेलन के दौरान VB-G RAM G से संबंधित लोगो डिजाइन, क्विज और डिजिटल कंटेंट प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया. साथ ही ग्रामीण विकास से जुड़ी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया, जो ग्रामीण भारत में नवाचार और नए विकास मॉडलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.