महंगाई ने फिर बढ़ाई टेंशन! अगस्त में खुदरा महंगाई 4.82 फीसदी, प्याज-लहसुन के दाम सबसे ज्यादा बढ़े
Retail Inflation: अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी. महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम रहे. प्याज की महंगाई 48.27 फीसदी और लहसुन की 43.60 फीसदी पहुंच गई. चांदी के गहनों की कीमतों में भी 107.11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई.
Retail Inflation August 2026: देश में खुदरा महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अगस्त 2026 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI आधारित खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई. जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी. यानी एक महीने में महंगाई दर में 0.37 फीसदी यानी 37 आधार अंक की बढ़ोतरी हुई है. अगस्त की महंगाई दर दिसंबर 2024 के 5.22 फीसदी के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है.
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से महंगाई धीरे-धीरे बढ़ रही थी. मई में CPI महंगाई 3.93 फीसदी, जून में 4.38 फीसदी और जुलाई में 4.45 फीसदी रही थी. अब अगस्त में यह बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई है.
खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाया महंगाई का दबाव
अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाद्य वस्तुओं की कीमतें रहीं. खाद्य महंगाई जुलाई के 5.52 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 5.95 फीसदी हो गई. वहीं खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई 5.66 फीसदी दर्ज की गई.
सब्जियों में खास तौर पर प्याज और लहसुन ने लोगों की परेशानी बढ़ाई. प्याज की महंगाई जुलाई के 22.54 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 48.27 फीसदी हो गई. यानी एक साल के मुकाबले प्याज के दाम में काफी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई.
लहसुन की कीमतों में भी तेजी रही. इसकी महंगाई जुलाई के 35.36 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 43.60 फीसदी हो गई. दूसरी तरफ अदरक की महंगाई में कुछ राहत मिली और यह 83.57 फीसदी से घटकर 73.82 फीसदी रही. हालांकि, कुछ सब्जियों के सस्ते होने से महंगाई और ज्यादा बढ़ने से रुक गई. अगस्त में टमाटर की कीमतें सालाना आधार पर 31.09 फीसदी कम रहीं. वहीं आलू के दाम में 13.14 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई.
चांदी के गहनों की कीमतों में 100 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी
महंगाई का दबाव सिर्फ रसोई के सामान तक सीमित नहीं रहा. सोने-चांदी के गहनों की कीमतों में भी बड़ी तेजी देखने को मिली. अगस्त में चांदी के गहनों की महंगाई 107.11 फीसदी रही. जुलाई में यह 109.89 फीसदी थी. यानी इसमें थोड़ी कमी जरूर आई, लेकिन फिर भी यह उन वस्तुओं में शामिल रही, जिनकी कीमत सबसे तेज बढ़ी. सोने, हीरे और प्लैटिनम से बने गहनों की महंगाई भी बढ़ी. अगस्त में यह 35.53 फीसदी रही, जबकि जुलाई में 32.98 फीसदी थी.
होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी सेवाएं भी हुई महंगी
अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई का असर सिर्फ खाने की चीजों पर नहीं है. सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रेस्टोरेंट और होटल की सेवाएं 8.38 फीसदी महंगी हुईं. परिवहन सेवाओं में 4.60 फीसदी और शिक्षा से जुड़ी सेवाओं में 3.73 फीसदी की महंगाई रही. कपड़े और जूतों की कीमतों में 3.56 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. पर्सनल केयर, सामाजिक सुरक्षा और अन्य तरह की वस्तुओं व सेवाओं की कीमतों में 15.17 फीसदी की महंगाई दर्ज हुई, जो इस वर्ग में काफी ऊंचा स्तर है.
आगे और बढ़ सकती है महंगाई?
भारतीय रिजर्व बैंक ने अगस्त में अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई का अनुमान 5 फीसदी रखा था. यह जून में लगाए गए 5.1 फीसदी के अनुमान से थोड़ा कम है. केंद्रीय बैंक को आशंका है कि आने वाले समय में कुल खुदरा महंगाई कुछ और बढ़ सकती है. इसके बाद तीसरी तिमाही में इसके ऊंचे स्तर पर पहुंचने और फिर धीरे-धीरे कम होने की संभावना जताई गई है.