शिवराज सिंह चौहान कल चेन्नई IIT में करेंगे नारियल किसानों से संवाद, इस योजना पर करेंगे चर्चा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बजट 2026-27 में घोषित नई 'नारियल संवर्धन योजना' के उद्देश्यों, लक्ष्यों और संभावित परिणामों के बारे में स्टेकहोल्डर्स को जानकारी देंगे. कार्यक्रम में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और पुडुचेरी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे.

नोएडा | Updated On: 6 Mar, 2026 | 07:29 PM

Agriculture News: केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 7 मार्च यानी शनिवार को चेन्नई स्थित IIT में नारियल किसानों और नारियल क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ पोस्ट-बजट संवाद में हिस्सा लेंगे. इस मौके पर वे केंद्रीय बजट में घोषित नई ‘नारियल संवर्धन योजना’ के तहत सरकार की किसान हितैषी प्राथमिकताओं और दृष्टि साझा करेंगे. नारियल विकास बोर्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री करेंगे और नारियल क्षेत्र में उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 7 मार्च 2026 को तमिलनाडु के दौरे पर होंगे. वे सुबह 9:55 बजे दिल्ली से विमान से चेन्नई के लिए रवाना होंगे और दोपहर 12:55 बजे चेन्नई पहुंचेंगे. इसके बाद वे सीधे IIT चेन्नई जाएंगे. दोपहर 2 बजे वहां नारियल उत्पादक किसानों के साथ एक विशेष इंटरएक्शन सेशन होगा, जिसमें मंत्री किसानों की बात सुनेंगे और ‘नारियल संवर्धन योजना’ को और अधिक किसान हितैषी बनाने के सुझाव लेंगे.

सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे शिवराज सिंह चौहान

इसके बाद 3 बजे ‘पोस्ट बजट कोकोनट स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ्रेंस’ आयोजित की जाएगी. इसमें नारियल क्षेत्र के किसान, प्रोसेसर्स, उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और राज्य सरकार के अधिकारी एक साथ मिलेंगे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. वे प्रदर्शनी स्टॉल्स का भी उद्घाटन करेंगे, जहां नारियल से जुड़े नए तकनीकी नवाचार और वैल्यू एडेड उत्पाद दिखाए जाएंगे.

तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और पुडुचेरी के अधिकारी होंगे शामिल

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बजट 2026-27 में घोषित नई ‘नारियल संवर्धन योजना’ के उद्देश्यों, लक्ष्यों और संभावित परिणामों के बारे में स्टेकहोल्डर्स को जानकारी देंगे. कार्यक्रम में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और पुडुचेरी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे. शाम को आईआईटी, चेन्नई में प्रेस से संवाद भी होगा, जिसमें वे अपने दौरे और योजना के मुख्य बिंदुओं पर बात करेंगे. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा केंद्र सरकार की किसानों के प्रति नीतियों और मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है. ‘नारियल संवर्धन योजना’ के तहत यह स्टेकहोल्डर्स मीट किसानों और क्षेत्रीय हितधारकों को नीति बनाने की प्रक्रिया में सीधे शामिल करने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने किया था योजना का ऐलान

बता दें आम बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नारियल उत्पादन  बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने के लिए ‘नारियल संवर्धन योजना’ शुरू करने का ऐलान किया था. इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में पुराने पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाए जाएंगे. इसके साथ ही भारत के काजू और कोको के लिए भी खास कार्यक्रम होगा, जिससे उत्पादन और प्रोसेसिंग बढ़ेगी, निर्यात मजबूत होगा और 2030 तक इन्हें वैश्विक प्रीमियम ब्रांड बनाया जा सके. इस योजना से तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के किसानों को ज्यादा फायदा होगा, उनकी आय बढ़ेगी और पैदावार में इजाफा होगा. कुछ जानकारों का कहना है कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह ऐलान किया गया है.

नारियल संवर्धन योजना भारत सरकार की एक नई पहल है

नारियल संवर्धन योजना भारत सरकार की एक नई पहल है, जिसका मकसद नारियल की खेती को बेहतर बनाना है. इसके तहत पुराने और कम पैदावार देने वाले पेड़ों की जगह नई और उन्नत किस्म के नारियल के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ सके. साथ ही इस योजना के तहत किसानों और मजदूरों को स्किल ट्रेनिंग, नीरा जैसे उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग, मार्केटिंग व एक्सपोर्ट सपोर्ट भी दिया जाता है. साथ ही, नारियल तोड़ने वाले और नीरा तकनीशियन के लिए बीमा कवर की सुविधा भी शामिल है. हालांकि, ऐसे भी अलग-अलग राज्यों में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं.

Published: 6 Mar, 2026 | 10:30 PM

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