किसान संसद में एसकेएम की दो टूक, कहा- अमेरिकी समझौता रद्द करे सरकार नहीं तो देशभर में होगा आंदोलन 

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर अमेरका के साथ समझौता सरकार रद्द नहीं करती है तो देशव्यापी आंदोलन का सामना करना होगा. इसके साथ ही एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, सीड एक्ट और बिजली बिल रद्द करने के साथ ही मनरेगा मजदूरी 700 रुपये देने की मांग की गई है.

नोएडा | Updated On: 10 Mar, 2026 | 02:12 PM

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और सेंट्रल ट्रेड यूनियनों (CTUs) के एक जॉइंट प्लेटफॉर्म ने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘मजदूर-किसान संसद’ की. इसमें मांग की गई है कि केंद्र अपनी अमेरिका समर्थक और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों को छोड़ दे. किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार समझौता रद्द नहीं करती है तो देशव्यापी आंदोलन का सामना करना होगा. इसके साथ ही एमएसपी गारंटी कानून लागू करने, सीड एक्ट और बिजली बिल रद्द करने के साथ ही मनरेगा मजदूरी 700 रुपये देने की मांग की है.

अमेरिकी समझौते पर भारी रोष, आंदोलन की चेतावनी

एसकेएम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार कॉर्पोरेट-ड्रिवन, US-समर्थक नीतियों और कानूनों को लागू करने के आक्रामक और तानाशाही तरीकों को छोड़ दे, नहीं तो किसानों और मजदूरों के लंबे समय तक पूरे भारत में एकजुट संघर्षों और आंदोलन करेंगे. इसमें कहा गया कि संसद ने किसानों और मजदूरों से बड़े संघर्षों के लिए तैयार होने की अपील की और लोगों के सभी मेहनतकश और डेमोक्रेटिक तबकों से आंदोलनों को मिलकर सपोर्ट करने की अपील की.

चार लेबर कोड को लागू करने के खिलाफ 1 अप्रैल 2026 को ‘ऑल-इंडिया ब्लैक डे’ के तौर पर मनाया जाएगा, जबकि कॉर्पोरेट विरोधी जन संघर्षों के लिए समर्थन जुटाने के लिए राज्यों में महापंचायतें की जाएंगी. घोषणापत्र में चेतावनी दी गई कि अगर सरकार चार लेबर कोड के साथ आगे बढ़ती है, तो देश भर में विरोध प्रदर्शन होंगे. किसान नेताओं ने कहा कि इस लेबर कानून से मजदूरों के अधिकार, संगठन बनाने की आजादी, सामूहिक सौदेबाजी, हड़ताल का अधिकार और आठ घंटे का काम का दिन कमजोर हो जाएगा.

किसान नेताओं ने सरकार पर कॉर्पोरेट हितों के साथ मिलकर “मजदूर विरोधी और किसान-विरोधी कदम” लागू करने का भी आरोप लगाया. सभा ने केंद्र की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उसने 9 दिसंबर 2021 को SKM को दिए गए लिखित आश्वासन को लागू नहीं किया, जो तीन रद्द किए जा चुके कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बाद हुआ था.

किसान संसद में इन मांगों को पूरा कराने की सरकार से अपील

  1. किसान संसंद में स्वामीनाथन आयोग के फॉर्मूले के आधार पर सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की गारंटी देने वाला कानून बनाए.
  2. SKM ने कहा कि किसान और मजदूर 23 मार्च 2026 को शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस को US के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील के खिलाफ ‘एंटी-इंपीरियलिस्ट डे’ के तौर पर मनाएंगे.
  3. सरकार से भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क को खारिज करने की मांग की गई
  4. इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल और सीड बिल 2025 को वापस लेने की मांग की गई.
  5. VB GRAM-G एक्ट को रद्द करने और 200 दिन के काम और 700 रुपये की रोजाना की मजदूरी के साथ महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MGNREGA) को फिर से लागू करने की अपील की.
Published: 10 Mar, 2026 | 02:10 PM

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