तंबाकू निर्यात में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड, 10 साल में 166 फीसदी बढ़ी कमाई, किसानों को मिला बड़ा फायदा
India Tobacco Exports: केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पिछले 10 साल में भारत के तंबाकू और तंबाकू उत्पादों के निर्यात में मात्रा के हिसाब से 53.10 फीसदी और मूल्य के हिसाब से 166.51 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान निर्यात से होने वाली कमाई 6,450.66 करोड़ रुपये से बढ़कर 17,192.04 करोड़ रुपये पहुंच गई.
Tobacco Export: भारत का तंबाकू उद्योग पिछले कुछ सालों में तेजी से आगे बढ़ा है. केंद्र सरकार के अनुसार, पिछले 10 साल में देश से तंबाकू और तंबाकू से जुड़े उत्पादों के निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. इससे न सिर्फ देश की विदेशी कमाई बढ़ी है, बल्कि तंबाकू की खेती करने वाले किसानों को भी बेहतर दाम मिलने लगे हैं. सरकार का कहना है कि खेती से लेकर निर्यात और टैक्स व्यवस्था तक कई बड़े सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने संसद में बताया कि, भारत आज चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक देश है. सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और निर्यात को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं.
10 साल में निर्यात और कमाई में बड़ी छलांग
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक दशक में तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों का निर्यात 240.93 मिलियन किलोग्राम से बढ़कर 368.85 मिलियन किलोग्राम हो गया है. यानी मात्रा के हिसाब से इसमें करीब 53.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, निर्यात से होने वाली कमाई में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. यह 6,450.66 करोड़ रुपये से बढ़कर 17,192.04 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो करीब 166.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. इससे साफ है कि भारतीय तंबाकू की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है.
किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए उठाए गए कदम
सरकार ने खास तौर पर फ्लू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू उगाने वाले किसानों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं. किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराए गए और अच्छी खेती की तकनीकों (Good Agricultural Practices) को बढ़ावा दिया गया. इसके अलावा हर साल बाजार की मांग के अनुसार तंबाकू की अधिकृत खेती का क्षेत्र तय किया जाता है, ताकि जरूरत से ज्यादा उत्पादन न हो और किसानों को उचित कीमत मिल सके.
ई-नीलामी से बढ़ी पारदर्शिता
सरकार ने तंबाकू की बिक्री के लिए इलेक्ट्रॉनिक नीलामी (ई-ऑक्शन) व्यवस्था को भी मजबूत किया है. इससे किसानों को अपनी फसल का सही दाम मिल रहा है और भुगतान भी समय पर हो रहा है. इन्हीं प्रयासों का असर है कि FCV तंबाकू किसानों को मिलने वाला औसत भाव 134.43 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 251.14 रुपये प्रति किलो हो गया है. यानी किसानों की कीमत में करीब 87 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
किसानों के लिए चलाई जा रही हैं कल्याण योजनाएं
सरकार सिर्फ खेती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पर भी ध्यान दे रही है. तंबाकू बोर्ड ग्रोअर्स वेलफेयर स्कीम के तहत वर्ष 2025-26 में 1,300 से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता दी गई. इस सहायता का उपयोग प्राकृतिक या दुर्घटनावश मृत्यु, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, विवाह और प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त तंबाकू भट्ठियों की मरम्मत जैसी जरूरतों के लिए किया गया.
टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार का सख्त कदम
सरकार ने तंबाकू कारोबार में टैक्स चोरी और अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए भी नई व्यवस्था लागू की है. 1 फरवरी 2026 से कुछ तंबाकू उत्पादों पर क्षमता आधारित उत्पाद शुल्क (Capacity-Based Levy) लागू किया गया है. वहीं जीएसटी नियमों में बदलाव कर खुदरा बिक्री मूल्य (Retail Sale Price) के आधार पर टैक्स वसूली की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा तंबाकू, पान मसाला और इससे जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के लिए हर महीने अपनी उत्पादन क्षमता, मशीनों और वास्तविक उत्पादन की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है.
ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी
सरकार ने ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है. इसका उद्देश्य तंबाकू उत्पादों की पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखना और टैक्स चोरी को रोकना है. नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. सरकार का मानना है कि, इन सुधारों से एक ओर किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर तंबाकू कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी. भारतीय तंबाकू की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए आने वाले समय में निर्यात के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.