रबी फसलों की खरीद में लापरवाही और धीमी कार्यप्रणाली पर भड़के कृषि मंत्री, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
MSP Procurement UP: उत्तर प्रदेश में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने रबी फसलों की खरीद, MSP व्यवस्था और सिंचाई योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने खरीद एजेंसियों को मसूर, सरसों, चना और अरहर जैसी फसलों की खरीद तेज करने के निर्देश दिए. बैठक में PM कुसुम योजना के तहत लगाए गए सोलर पंपों की प्रगति पर भी चर्चा हुई.
MSP Procurement Review: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और फसलों की खरीद व्यवस्था मजबूत करने में जुटी हुई है. इसी कड़ी में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने कृषि भवन में एक हाई लेवल रिव्यू मीटिंग की. बैठक में रबी फसलों की खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बीज वितरण और सिंचाई योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने खरीद एजेंसियों की धीमी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम समय पर मिलना सरकार की प्राथमिकता है.
MSP खरीद व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर
मंत्री ने MSP के तहत चल रही खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि खरीद केंद्रों को ज्यादा तेज और पारदर्शी बनाना जरूरी है. राज्य में अभी करीब 280 खरीद केंद्र चल रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल बेच चुके हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि, किसानों को केंद्रों पर किसी तरह की दिक्कत न हो और भुगतान समय पर किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को MSP योजना का फायदा मिल सके.
दलहन और तिलहन फसलों की खरीद बढ़ाने के निर्देश
बैठक में नैफेड, एनसीसीएफ और अन्य खरीद एजेंसियों जैसे यूपीपीसीएफ और यूपीपीसीयू को भी निर्देश दिए गए कि खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. खासतौर पर दलहन और तिलहन फसलों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया. कृषि मंत्री ने मसूर, सरसों, चना और अरहर जैसी फसलों की खरीद बढ़ाने को कहा ताकि किसानों को बाजार में कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी न हो. उन्होंने कहा कि सरकार निर्धारित खरीद लक्ष्य को समय पर पूरा करना चाहती है ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके.
PM कुसुम योजना से किसानों को राहत
समीक्षा बैठक में सिंचाई व्यवस्था पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) के तहत प्रदेश में बड़ी संख्या में सोलर पंप लगाए जा चुके हैं. इन सोलर पंपों से किसानों को सिंचाई में काफी राहत मिली है, क्योंकि इससे डीजल और बिजली पर खर्च कम हुआ है.
सरकार ने साल 2024-25 में भी हजारों नए सोलर पंप लगाने का लक्ष्य पूरा किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पंपों के बढ़ते इस्तेमाल से किसानों की लागत घटेगी और खेती को ज्यादा लाभदायक बनाया जा सकेगा.
आज कृषि निदेशालय, लखनऊ में माननीय कृषि मंत्री श्री @spshahibjp जी द्वारा #पीएम_सूर्य_घर_मुफ्त_बिजली_योजना_2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की गई।
बैठक में किसानों को #सौर_ऊर्जा से जोड़कर #खेती की लागत कम करने… pic.twitter.com/w4fhOgNRD2
— Krishi Vibhag Gov UP (@jdabureau) May 12, 2026
किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि व्यवस्था को मजबूत करना है. उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं का फायदा समय पर किसानों तक पहुंच सके. उन्होंने यह भी कहा कि अगर खरीद व्यवस्था, सिंचाई और बीज वितरण सही तरीके से लागू होते हैं, तो इससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी.