यूपी में बदला खाद वितरण का तरीका! ऐप से होगी बुकिंग, जानें स्मार्टफोन न होने पर क्या होगा?
Fertilizer Booking App: उत्तर प्रदेश में अब किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा. सीतापुर और रामपुर में नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई है, जिसमें किसानों को पहले मोबाइल ऐप पर यूरिया, डीएपी और एनपीके की बुकिंग करनी होगी.
Fertilizer Distribution App UP: उत्तर प्रदेश के किसानों को अब यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसी खाद लेने के लिए दुकानों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. कृषि विभाग ने 15 जून से सीतापुर और रामपुर जिलों में उर्वरक वितरण की नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी है. इसके तहत अब किसानों को पहले मोबाइल ऐप के जरिए बुकिंग करनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें खाद मिल सकेगी. इस व्यवस्था में हर बुकिंग पर एक क्यूआर कोड और टोकन जारी होगा, जिसे दिखाकर किसान निर्धारित विक्रेता से आसानी से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे.
मोबाइल ऐप से होगी खाद की बुकिंग
नई प्रणाली के अनुसार किसानों को अपने स्मार्टफोन में ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (FFF Sale App) डाउनलोड करना होगा. इस ऐप पर किसान अपनी फसल, जमीन का विवरण और जरूरत के अनुसार खाद की मात्रा दर्ज कर सकेंगे.
इसके बाद ऐप उन्हें नजदीकी खाद विक्रेताओं की सूची दिखाएगा, जहां से वे अपनी सुविधा के अनुसार दुकान चुन सकेंगे. बुकिंग पूरी होते ही मोबाइल पर टोकन नंबर और क्यूआर कोड भेज दिया जाएगा.
क्यूआर कोड और टोकन से मिलेगा उर्वरक
किसान को चयनित दुकान पर जाकर पीओएस मशीन के जरिए अपना क्यूआर कोड दिखाना होगा. इसके बाद उन्हें खाद उपलब्ध कराई जाएगी. ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर किसान दो दिन के भीतर खाद नहीं लेते हैं तो उनका टोकन स्वतः रद्द हो जाएगा.
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— Krishi Vibhag Gov UP (@jdabureau) June 15, 2026
बिना स्मार्टफोन वाले किसानों के लिए भी सुविधा
सरकार ने इस व्यवस्था में उन किसानों का भी ध्यान रखा है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है. ऐसे किसान नजदीकी उर्वरक केंद्र या जनसुविधा केंद्र पर जाकर अपनी बुकिंग करा सकते हैं. इसके अलावा यह सुविधा केवल किसान आईडी धारकों तक सीमित नहीं है. बटाईदार, किरायेदार और बिना किसान आईडी वाले किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं. जरूरत पड़ने पर किसान अपने परिवार के किसी सदस्य को भी खाद लेने के लिए अधिकृत कर सकते हैं.
पारदर्शिता और कालाबाजारी पर रोक का लक्ष्य
जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने बताया कि, इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उर्वरक वितरण को पारदर्शी बनाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है. इससे किसानों को समय पर खाद मिलेगी और अनावश्यक भागदौड़ से भी छुटकारा मिलेगा. प्रशासन का मानना है कि डिजिटल सिस्टम से न केवल वितरण आसान होगा, बल्कि किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत होगी.
सीतापुर के किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
अब उर्वरक (यूरिया, डीएपी एवं एनपीके) की बुकिंग Framework For Fertilizer Sale (FFS) App के माध्यम से की जाएगी। इससे किसानों को उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी निकटतम विक्रेता का चयन, समय की बचत तथा पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। pic.twitter.com/Hc23xgeami— DM Sitapur (@dm_sitapur) June 14, 2026
नई व्यवस्था की मुख्य बातें
- उर्वरक खरीद से पहले ऐप पर बुकिंग अनिवार्य
- यूरिया, डीएपी और एनपीके की ऑनलाइन बुकिंग
- क्यूआर कोड और टोकन से मिलेगा खाद
- किसान अपनी पसंद की दुकान चुन सकेंगे
- बिना स्मार्टफोन वाले किसान CSC केंद्र से बुकिंग करा सकेंगे
- बटाईदार और किरायेदार किसानों को भी लाभ
- कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
नई डिजिटल उर्वरक व्यवस्था किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है. इससे जहां वितरण प्रणाली अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी, वहीं किसानों को समय पर खाद मिलने से उनकी खेती भी बेहतर हो सकेगी.