उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही फसलों की खरीद के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया गया है. मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि MSP पर की जाने वाली समस्त खरीदों के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है. वहीं, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना समेत किसानों के लिए चलाई जा रहीं सभी सरकारी योजनाओं के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है.
एमएसपी पर फसल खरीद के लिए फार्मर आईडी तत्कार प्रभाव से अनिवार्य
उत्तर प्रदेश शासन ने कड़ा निर्णय लेते हुए राज्य में किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है. मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाने वाली समस्त फसलों की खरीद के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है. आदेश में कहा गया कि जहां चकबंदी या सर्वे की प्रक्रिया चल रही है, उन गांवों की खरीद पहले की प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी.
कृषि सचिव समेत अन्य विभागों को भेजा गया पत्र
उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल की ओर से जारी सरकारी आदेश पत्र राज्य के कृषि उत्पादन आयुक्त, कृषि सचिव को भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को सरकारी विभागों की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए अनिवार्य किया जा रहा है. यह आदेश पत्र सचिव उद्यान सिंचाई एवं जल संसाधन, सचिव खाद्य एवं रसद, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सहकारिता विभाग, पशुपालन, मत्स्य तथा लघु सिंचाई विभाग समेत अन्य विभागों को भी भेजा गया है.
31 मई से पूरी तरह अनिवार्य करने के निर्देश
आदेश पत्र में कहा गया है कि कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को अनिवार्य करते हुए दिनांक 31 मई 2026 से अनुपालन के लिए तैयारी पूरी की जाए. उक्त शासनादेश के तहत फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाने वाली समस्त खरीद में तत्काल प्रभाव से अनिवार्य किया गया है.

उत्तर प्रदेश में फसल खरीद के लिए किसान ID अनिवार्य करने का आदेश जारी.
इन किसानों को फार्मर आईडी की अनिवार्यता से दी गई छूट
चकबन्दी और सर्वे अधीन ग्रामों में चकबन्दी या सर्वे प्रक्रिया होने के कारण किसानों की फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) अपडेट नहीं हो सकी है या नहीं बन सकी हैं. ऐसे किसानों को इससे राहत दी जा रही है. क्योंकि किसानों के कृषि उत्पादों का सरकारी खरीद केन्द्रों पर खरीद करना सम्भव नहीं हो पा रहा है. एसपी गोयल ने कहा कि इस क्रम में मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि जिन ग्रामों में चकबन्दी एवं सर्वे की प्रक्रिया प्रचलित है, उन ग्रामों के कृषकों को संबंधित ग्राम में स्थित भूमि की सीमा तक कृषि उत्पाद कृषि-खाद्य विभाग की ओर से पूर्व प्रक्रिया के आधार पर बिक्री का अवसर दिए जाने की छूट प्रदान की जाती है.