मनरेगा के मुकाबले VB-G RAM G में आधे हुए लाभार्थी परिवार, पहले महीने ही ग्रामीण रोजगार 50 फीसदी घटा

नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G RAM G के तहत जुलाई 2026 में रोजगार सृजन करीब 50 फीसदी घटकर 7.67 करोड़ व्यक्ति-दिन रह गया. पिछले साल मनरेगा के तहत 15.33 करोड़ व्यक्ति-दिन रोजगार मिला था. नई योजना में रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है, लेकिन बुवाई और कटाई के दौरान 60 दिन तक काम रोकने का प्रावधान भी है.

नोएडा | Updated On: 10 Aug, 2026 | 04:34 PM

केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G RAM G के तहत जुलाई 2026 में रोजगार सृजन में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में योजना के तहत 7.67 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा हुआ. हालांकि, पिछले साल जुलाई में मनरेगा (MGNREGS) के तहत 15.33 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार मिला था. यानी इस साल इसमें 49.94 फीसदी की कमी आई है.

दरअसल, सरकार ने इस साल 1 जुलाई से करीब दो दशक पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) की जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G लागू किया है. नई VB-G RAM G योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्त वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है. पुरानी मनरेगा योजना में यह गारंटी 100 दिनों की थी. हालांकि, नई योजना में बुवाई और कटाई के व्यस्त सीजन के दौरान रोजगार की गारंटी पर कुल 60 दिनों तक रोक का प्रावधान है. इस अवधि में योजना के तहत काम नहीं कराया जाएगा. यह प्रावधान राज्यों में स्थानीय कृषि और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जाएगा.

G-RAM-G में आधे हुए लाभार्थी परिवार

जुलाई 2026 में नई VB-G RAM G योजना के तहत ग्रामीण रोजगार का लाभ लेने वाले परिवारों की संख्या में भी बड़ी गिरावट आई. इस साल जुलाई में 68.94 लाख परिवारों ने योजना के तहत रोजगार लिया, जो पिछले साल के मुकाबले 51.45 फीसदी कम है. पिछले साल जुलाई में मनरेगा के तहत करीब 1.42 करोड़ परिवारों ने ग्रामीण रोजगार योजना का लाभ उठाया था. यानी नई योजना लागू होने के पहले महीने में रोजगार पाने वाले परिवारों की संख्या में करीब आधी कमी दर्ज हुई.

खरीफ बुवाई 26.50 लाख हेक्टेयर पिछड़ी

आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में पुरानी मनरेगा के तहत 17.56 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा हुआ था. यह मार्च 2024 के 17.69 करोड़ व्यक्ति-दिवस से 0.70 फीसदी कम था. इसके बाद रोजगार में साल-दर-साल गिरावट का सिलसिला जून 2026 तक जारी रहा. जून 2026 पुरानी योजना के तहत रोजगार का आखिरी महीना था. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक खरीफ फसलों की बुवाई 894.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी. पिछले साल इसी अवधि में 920.72 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी. यानी इस साल रकबा 26.50 लाख हेक्टेयर कम है.

VB-G RAM G कानून 1 जुलाई से लागू

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि VB-G RAM G कानून 1 जुलाई 2026 से देश के सभी ग्रामीण इलाकों में लागू हो गया है. उनके मुताबिक, मनरेगा से VB-G RAM G में बदलाव सुचारू तरीके से हुआ है. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी योजनाओं को अधिसूचित कर दिया था और योजना शुरू होने से पहले प्रशासनिक और डिजिटल व्यवस्था भी तैयार कर ली गई थी.

VB-G RAM G योजना के लिए 95,692 करोड़ का बजट

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए VB-G RAM G योजना  के तहत 95,692 करोड़ रुपये का बजट रखा है. यह किसी भी ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट है. सरकार का कहना है कि योजना देशभर में प्रभावी तरीके से लागू की जा रही है. अधिकारी के अनुसार, रोजगार की मांग करने वाले 98 फीसदी से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को काम दिया गया है. योजना लागू होने के पहले महीने में करीब 9 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा हुआ. वहीं, 1.33 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण कामगारों को उनकी मांग के अनुसार रोजगार दिया गया है और 9 लाख से ज्यादा काम चल रहे हैं.

रोजगार में करीब 63 फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की

सरकार के मुताबिक, अब तक पैदा हुए कुल रोजगार में करीब 63 फीसदी हिस्सेदारी महिलाओं की है. यह योजना में महिलाओं के लिए तय एक-तिहाई भागीदारी के प्रावधान से काफी ज्यादा है. अधिकारी ने कहा कि VB-G RAM G कानून के सभी प्रावधान 1 जुलाई 2026 से लागू हो गए हैं. इसमें राज्यों की ओर से अधिसूचित बुवाई और कटाई के व्यस्त मौसम से जुड़ा प्रावधान भी शामिल है.

नोट: अगर आसान भाषा में समझें तो व्यक्ति-दिवस का मतलब है कि एक व्यक्ति ने एक दिन जितना काम किया. उदाहरण के लिए, 10 लोगों को एक-एक दिन काम मिलने पर 10 व्यक्ति-दिवस रोजगार माना जाएगा.

 

Published: 10 Aug, 2026 | 04:27 PM

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