यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों को बड़ी राहत.. 200 को फ्री FASTag मिले, अब नहीं देना होगा टोल टैक्स

यमुना एक्सप्रेसवे पर जमीन देने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत दी गई है, जिसके तहत अब उन्हें टोल टैक्स नहीं देना होगा. जेवर टोल प्लाजा पर 200 से अधिक किसानों को फ्री FASTag जारी किए गए हैं. इससे उनकी यात्रा आसान और बिना शुल्क के हो गई है, साथ ही पात्र किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी जारी है.

नोएडा | Published: 29 Jun, 2026 | 02:46 PM

Free FASTag: यमुना एक्सप्रेसवे पर जमीन देने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए टोल टैक्स में पूरी छूट दे दी है. इसके तहत पात्र किसानों को मुफ्त FASTag जारी किए जा रहे हैं, जिससे वे अब एक्सप्रेसवे पर बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकेंगे. जेवर टोल प्लाजा पर 200 से अधिक किसानों को फ्री FASTag वितरित किए गए.

200 से ज्यादा किसानों को मिला फ्री FASTag

जेवर टोल प्लाजा पर विशेष शिविर लगाकर किसानों को नए FASTag जारी किए गए. टोल प्रबंधन ने बताया कि जिन किसानों ने जमीन हस्तांतरण  से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे, उन्हें जांच के बाद पात्र पाया गया. ऐसे करीब 200 किसानों को नए FASTag दिए गए हैं. ये FASTag विशेष रूप से टोल छूट के लिए एक्टिव किए गए हैं, ताकि किसानों को किसी भी टोल प्लाजा पर शुल्क न देना पड़े.

पुराने FASTag हटाकर जारी किए गए नए टैग

प्रबंधन के अनुसार, पहले से उपयोग किए जा रहे पुराने FASTag का रिकॉर्ड लेकर उन्हें सिस्टम से अपडेट किया गया है. अब किसानों को नए विशेष FASTag जारी किए गए हैं जो सीधे टोल छूट सिस्टम से जुड़े हैं. इससे किसानों को एक्सप्रेसवे  पर यात्रा करते समय किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनकी आवाजाही पूरी तरह मुफ्त रहेगी.

कई गांवों के किसानों को मिलेगा फायदा

इस योजना का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास के कई गांवों के किसानों  को मिलेगा. इनमें जेवर बांगर, करौली बांगर, सबौता, भाईपुर ब्राह्मणान, रौनीजा, दयानतपुर, जहानगढ़, टप्पल, कृपालपुर, जिकरपुर, सियारौल, अलावलपुर, कंसेरा और सिमरौठी जैसे गांव शामिल हैं. इन गांवों के किसानों ने एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी, जिसके बदले यह सुविधा दी जा रही है.

पात्र किसानों के लिए अभी भी आवेदन जारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने ये भी स्पष्ट किया है कि जो पात्र किसान अभी तक इस सुविधा से नहीं जुड़े हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए किसानों को जेवर टोल प्लाजा पर जाकर नक्शा-11, वाहन की आरसी और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन्हें भी फ्री FASTag जारी कर दिया जाएगा. यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन का कहना है कि किसानों का योगदान एक्सप्रेसवे के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण रहा है, इसलिए यह कदम उनके सम्मान और सुविधा के लिए उठाया गया है. इस फैसले से किसानों की दैनिक यात्रा अब आसान और पूरी तरह निःशुल्क हो गई है.

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