मटके से नल तक पहुंचा बुंदेलखंड, 1766 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी किसानों और युवाओं की जिंदगी

बुंदेलखंड में विकास कार्यों को नई गति देने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की गई है. सिंचाई, पेयजल, उद्योग और रोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है. सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 21 Jun, 2026 | 03:39 PM

Bundelkhand Development: उत्तर प्रदेश के ललितपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,766 करोड़ रुपये की लागत वाली 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. तुवन मंदिर परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन, पानी की कमी और पलायन की पहचान से निकलकर विकास, सिंचाई, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अब गांव-गांव तक पहुंच रहा है और क्षेत्र की तस्वीर तेजी से बदल रही है.

सिंचाई परियोजनाओं से किसानों की बदली किस्मत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्षों से लंबित कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं  को पूरा किया गया है. इनमें अर्जुन सहायक परियोजना, रटोली डैम, भवानी डैम, खासनोडा डैम, मझगांव और चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजनाएं प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से खेतों तक पानी पहुंचा है और किसानों को खेती के लिए बेहतर सुविधाएं मिली हैं. सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से कृषि उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आय में सुधार देखने को मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं ने बुंदेलखंड के किसानों की तकदीर बदलने का काम किया है.

मटके से नल तक पहुंचा बुंदेलखंड

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जल संकट  के पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड की महिलाएं पानी के लिए मीलों दूर तक मटके ढोने को मजबूर थीं. लेकिन अब हर घर नल योजना के तहत घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल पानी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के जीवन को आसान बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है. यही कारण है कि बुंदेलखंड अब देश के लिए विकास के मॉडल के रूप में सामने आ रहा है.

महिला सशक्तिकरण और रोजगार को मिली नई ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की महिलाएं अब केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं. स्वयं सहायता समूहों और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों से जुड़कर वे अपनी आय बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं. उन्होंने कहा कि झांसी, ललितपुर समेत पूरा बुंदेलखंड महिला सशक्तिकरण  का उदाहरण बन रहा है. साथ ही युवाओं के लिए भी नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं, जिससे पलायन की समस्या में कमी आने की उम्मीद है.

एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल सिटी और डिफेंस कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे क्षेत्र के विकास को नई गति  दे रहा है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी भी बुंदेलखंड में विकसित करने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जिससे बुंदेलखंड रक्षा उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद गलत नीतियों और माफिया संस्कृति के कारण क्षेत्र विकास से पीछे रह गया था. अब सरकार बुंदेलखंड को निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है.

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