Haryana News: अपनी फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि का इंतजार करने वाले किसानों का पैसा डकारने में तंत्र लगा हुआ है. इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के सिरसा जिले में देखा गया है. 22 गांवों के किसानों ने मुआवजा राशि का 19 लाख रुपये नहीं देने का आरोप लगाते हुए एसबीआई बैंक के सामने जोरदार प्रदर्शन किया. किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि किसान लंबे समय से किसान अपने मुआवजे की मांग कर रहे हैं. लेकिन, उन्हें राशि नहीं दी जा रही है और टरकाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों को हल नहीं किया गया है तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा.
कालांवली में 22 गांवों के किसानों का जोरदार प्रदर्शन
भारतीय किसान एकता बीकेई के नेतृत्व में कालांवली में जुटे करीब 22 गांवों के सैकड़ों किसानों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि हाल ही में ओलावृष्टि, तूफान और बारिश से खराब हुई फसलों का क्रॉप सर्वे करवाकर उनकी भरपाई करवाई जाए, मंडियों में फसल बेचने पर लगाई गई शर्तों को हटाने के साथ ही लंबित बीमा और मुआवजा जारी करने सहित कई अहम मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई की जाए. इसके संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी को चिट्ठी भेजी है.
250 किसानों के 19 लाख रुपये नहीं दे रहा एसबीआई
लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि खरीफ सीजन 2023 और 2025 के लंबित बीमा क्लेम अभी तक जारी नहीं किए गए हैं. कई गांवों के किसानों का बीमा क्लेम क्रॉप कटिंग के नाम पर रोका गया है. कई बैंकों में बीमा भुगतान अटका है और किसानों के खाते में राशि नहीं भेजी जा रही है. उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2020 के बकाया मुआवजा राशि के 19 लाख रुपये एसबीआई बैंक नहीं दे रहा है. उन्होंने कहा कि 250 किसानों को यह राशि मिलनी है, लेकिन 1 साल से बैंकर चेक अपने पास रखे हुए हैं. उन्होंने कहा कि एसबीआई बैंक कालांवाली में लंबित किसानों की राशि अब ब्याज सहित जारी की जाए. नाराज किसानों ने एसबीआई बैंक के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है नारेबाजी भी की.

कालांवली एसबीआई बैंक के सामने किसानों का प्रदर्शन.
धान खरीद घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराज किसान
किसान नेता ने कहा कि फग्गू मंडी धान खरीद घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए. इस धान घोटाले में मार्केट कमेटी कालांवाली के सचिव और डीएम वेयरहाउस राइईस सेलर मालिकों के साथ मिले हुए थे, जिन्होंने मिलकर किसानों की धान खरीद में लूट की है. इस जांच की कमेटी के सामने हमने इनके खिलाफ सारे सबूत पेश किए हैं. इसलिए इन पर मुकदमा दर्ज करके किसानों की भरपाई करवाई जाए. इसके अलावा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल दोबारा खोला खोलने और बायोमीट्रिक संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की है.
मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि जायद सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में तय शेड्यूल के अनुसार पानी आपूर्ति शुरू की जाए. इसके साथ ही खाद की उपलब्धता, नकली कीटनाशकों पर रोक, डीएसआर व पराली प्रबंधन की बकाया राशि भी जारी की जाए. बागवानी विभाग की लंबित सब्सिडी देने तथा आवारा पशुओं और जंगली सूअरों से फसलों की सुरक्षा करने की मांग भी उठाई गई है. भारतीय किसान एकता ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन तेज करेगा.