गन्ना किसान ध्यान दें! खेतों में तेजी से फैल रहा ‘चोटी भेदक’ रोग, समय रहते न रोका तो भारी नुकसान तय
Sugarcane Farming: इन दिनों गन्ना किसानों की चिंता बढ़ गई है. खेतों में तेजी से फैल रहा ‘चोटी भेदक’ रोग फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. शुरुआत में मामूली दिखने वाला यह रोग धीरे-धीरे पूरे पौधे को कमजोर कर देता है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, अगर किसान समय रहते इसके लक्षण पहचान लें और सही उपाय अपनाएं, तो गन्ने की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.

गन्ने की फसल पर ‘चोटी भेदक’ नामक रोग तेजी से फैलता जा रहा है. इस बीमारी के कारण फसल को भारी नुकसान हो रहा है और किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी बढ़ती गंभीरता ने गन्ना उत्पादकों की चिंता और भी बढ़ा दी है.

यह रोग खासकर शरदकालीन और पेड़ी गन्ने में अधिक देखने को मिल रहा है और समय पर नियंत्रण नहीं करने पर फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है.

चोटी भेदक रोग के लक्षणों में पत्तियों में छोटे छिद्र, मध्य शिरा पर लाल धारियां, बढ़वार बिंदु का सूखना और पौधे के ऊपरी हिस्से में ‘डेड हार्ट’ बनना शामिल है.

पीलीभीत में गन्ना किसानों ने किया प्रदर्शन. (Photo Credit: Canva)

दवा का छिड़काव गन्ने के गोफ और जड़ों के पास अच्छी तरह करना चाहिए. साथ ही खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना और छिड़काव के 24 घंटे के भीतर हल्की सिंचाई करना जरूरी बताया गया है.

कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि जिन पौधों में रोग के लक्षण दिखाई दें, उन्हें जमीन की सतह से काटकर खेत से बाहर नष्ट कर देना चाहिए. साथ ही अंडों से प्रभावित पत्तियों को हटाने से रोग का फैलाव रोका जा सकता है.