बिहार के आमों की देशभर में मांग, जानिए राज्य की 5 बेहतरीन मैंगो वैराइटी

जरदालु आम बिहार की सबसे लोकप्रिय और विशेष किस्म है. इसे इसकी तेज खुशबू, मीठे स्वाद और पतले छिलके वाली बनावट के लिए जाना जाता है. बिहार के भागलपुर में मुख्य तौर पर इसकी खेती की जाती है. बिहार के इस खास आम को साल 2018 में जीआई (GI) टैग भी मिल चुका है.

नोएडा | Updated On: 3 Jun, 2025 | 03:33 AM

गर्मी का मौसम और बाजार में तरह -तरह के आम.आम प्रेमियों के लिए इससे अच्छा कुछ भी नहीं हो सकता . आम का नाम सुनते ही मुंह में मीठा रस घुलने लगता है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार आम उत्पादन में भारत पूरी दुनिया में टॉप पर है. अकेले भारत में 1 हजार से ज्यादा आम की किस्में हैं जो अपने अनोखे स्वाद के लिए जानी जाती हैं. आज खबर में आगे बात करेंगे बिहार के खास आमों के बारे में और जानेंगे कौन से हैं राज्य के 5 बेस्ट आम.

बिहार के 5 खास आम

जरदालु आम

जरदालु आम बिहार की सबसे लोकप्रिय और विशेष किस्म है. इसे इसकी तेज खुशबू, मीठे स्वाद और पतले छिलके वाली बनावट के लिए जाना जाता है. बिहार के भागलपुर में मुख्य तौर पर इसकी खेती की जाती है. बिहार के इस खास आम को साल 2018 में जीआई (GI) टैग भी मिल चुका है. जरदालु आम की पहचान भागलपुर की खास विरासत के रूप में होती है. भागलपुर के साथ इसकी खेती बिहार के मुंगेर, बांका और कटिहार में बड़े पैमाने पर की जाती है.

Jardalu Aam got GI Tag in 2018

गुलाब खस

बिहार के आम की यह खास किस्म अपनी खुशबू, मुलायम गूदे और मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है. इसकी खेती मुख्य रूप से बिहार के भागलपुर और सहरसा जिले में होती है. गुलाब खस के गूदे में रेशा नहीं होता है. खाने में यह आम मुलायम और बहुत ही मीठा होता है.इसकी खुशबू गुलाब के फूल जैसी होती है जिसके कारण इसका नाम गुलाब खस पड़ा.

Gulab Khas Mango

हिमसागर

आम की ये किस्म आम तौर पर पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की लोकप्रिय किस्म है लेकिन बिहार के कुछ हिस्सों में भी इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. बिहार के कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज जिले में इसकी खेती खासतौर पर की जाती है. इसके गूदे में रेशा नहीं होता है और स्वाद में यह बेहद ही मीठा होता है. यह आम करीब 100 से 110 दिन में पककर तैयार हो जाता है और मई मध्य से जून के पहले हफ्ते तक बाजार में आ जाता है.

Himsagar Mango of Bihar

सुकुल

सुकुल आम बिहार की पारंपरिक और स्वादिष्ट किस्म है. इसकी खेती मुख्य तौर पर बिहार के कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जिले में की जाती है.आम की इस किस्म को अपने मुलायम गूदे, मीठे स्वाद और कम रेशे के लिए जाना जाता है. हांलांकि यह किस्म बिहार में कम होती जा रही है जिसके कारण बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर की ओर से इसे बचाए रखने के लिए खास कोशिशें की जा रही हैं.

Sukul Aam of Bihar

बठुआ

बिहार के बठुआ आम की खेती मुख्य तौर पर बिहार के समस्तीपुर जिले में की जाती है. इसकी मिठास, कम रेशे और मुलायम गूदे इसे खास बनाते हैं. देखने में यह आम हल्के हरे रंग का होता है. बठुआ आम मई से जून के बीच पक जाता है. बठुआ आम विशेष तौर पर बिहार और झारखंड में लोकप्रिय है. यहां कच्चे बठुआ आम को अचार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Bathua Mango of Bihar

Published: 3 Jun, 2025 | 08:00 AM

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