राजस्थान के सरकारी स्कूलों की खराब हालत पर राज्य सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में धरना दिया और नारेबाजी की. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्कूलों की जर्जर हालत के लिए सरकार दोषी बताते हुए कहा कि स्कूलों के 85 हजार क्लास रूम बेहद खराब हालत में हैं. जबकि, 3768 स्कूलों को सरकार ने जर्जर घोषित किया है. इनमें से ग्रामीण इलाकों के स्कूलों की हालत और भी दयनीय है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार, शिक्षा मंत्री की विफलता, कृषि घोटाले और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कमियों पर भी सवाल उठाए.
राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज बृहस्पतिवार से शुरू हुआ जिसमें मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने भाग नहीं लिया. कांग्रेस विधायकों ने राज्य के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कथित प्रतिबंध के मुद्दे को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया. जब विधायकों ने समूह में विधानसभा में जाने की कोशिश की तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया. इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई. कई नेता बैरिकेड्स पर चढ़ गए. ये विधायक विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए.
भाजपा सरकार तानाशाही पर उतारू है- डोटासरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के परिसर में प्रधानाचार्य की अनुमति के बिना ‘बाहरी लोगों’ के प्रवेश पर रोक लगा दी है. साथ ही लिखित मंजूरी के बिना स्कूल की गतिविधियों की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर भी रोक लगा दी गई है. हालांकि, शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि इस आदेश से आगंतुकों पर पूरी तरह कोई रोक नहीं है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर “तानाशाही” वाला रवैया अपनाने का आरोप लगाया और स्कूलों की हालत दिखाने पर लगाई गई रोक पर सवाल उठाए.
3768 स्कूलों को जर्जर घोषित किया गया पर मरम्मत अब तक नहीं
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि कांग्रेस विधायक पहले सुबह पोद्दार स्कूल गए जहां उन्हें एक नोटिस दिखाया गया, जिसमें कहा गया था कि वे परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि फिर हम पैदल विधानसभा पहुंचे और हमें यहां प्रवेश करने से रोक दिया गया. राज्य के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि 3,768 स्कूलों को जर्जर घोषित किया गया था, लेकिन उनमें से किसी में भी पुनर्निर्माण का काम पूरा नहीं हुआ है.
85 हजार क्लास रूम खराब हालत में
उन्होंने आगे दावा किया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में लगभग 85,000 कक्ष खराब हालत में हैं. उन्होंने कहा कि यहां पढ़ने वाले बच्चों का जीवन खतरे में है. सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने अध्यापकों के 1.25 लाख से अधिक पद खाली होने पर भी सवाल उठाए. कहा कि सरकारी स्कूलों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है और जब हालात देखने लोग पहुंच रहे हैं तो उन्हें लौटाया जा रहा है और परमीशन लाने की बात कही जा रही है.
स्कूलों की बदहाली पर भाजपा सरकार जवाब देने से क्यों भाग रही है?
शिक्षा विभाग में भारी भ्रष्टाचार, स्कूलों की दुर्गति, और काले कानूनों के खिलाफ कांग्रेस आवाज़ भी उठाएगी और जवाब भी मांगेगी। pic.twitter.com/myl559YNV3
— Rajasthan PCC (@INCRajasthan) August 20, 2026
स्कूलों की जर्जर हालत बाहर ना आ जाए इसलिए किसी को जाने नहीं दे रही है- पायलट
कांग्रेस विधायकों के धरने में मौजूद पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा आदि तमाम मुद्दों को लेकर राज्य सरकार बिल्कुल गंभीर नहीं है. सरकारी स्कूलों की इमारतों की जर्जर हालत और झालावाड़ में स्कूल हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब सरकार चाहती है कि वहां कोई जाए ना, पत्रकार भी जाएं, ना कोई फोटो खींचे. मतलब गलती को छिपाने के लिए हर सीमा को पार करने के लिए सरकार तैयार है.