जामा मस्जिद में वन्यजीव तस्करी का खुलासा, 863 पशु-पक्षी बचाए, 5 आरोपी गिरफ्तार

जामा मस्जिद की कबूतर मार्केट में वन्यजीवों के कथित अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है. संयुक्त छापेमारी में पांच दुकानों से 863 पशु-पक्षी बचाए गए. इनमें 431 संरक्षित पक्षी शामिल हैं. पुलिस ने पांच आरोपियों की पहचान कर केस दर्ज किया है और जांच आगे बढ़ा दी है.

नोएडा | Published: 13 Aug, 2026 | 11:18 AM

Delhi Wildlife Smuggling: दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके की कबूतर मार्केट में वन्यजीवों के कथित अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस और वन्यजीव विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पांच दुकानों की जांच कर 863 पशु-पक्षियों को बचाया गया, जिनमें 431 संरक्षित/अनुसूचित पक्षी शामिल हैं. मामले में पांच आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.

गुप्त सूचना पर हुआ बड़ा ऑपरेशन

9 अगस्त को पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) को कबूतर मार्केट में पालतू जानवरों  की दुकानों पर संरक्षित पक्षियों और जानवरों की कथित अवैध बिक्री, कब्जे और गैरकानूनी तरीके से कैद रखने की सूचना मिली थी. सूचना के बाद पीएफए ने दिल्ली पुलिस, ‘वर्ल्ड वाइड एनिमल’ और दिल्ली के वन एवं वन्यजीव विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी. इसके बाद जामा मस्जिद पुलिस स्टेशन और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया.

पांच दुकानों की जांच, 863 जीव बरामद

संयुक्त टीम ने कबूतर मार्केट की पांच पालतू जानवरों की दुकानों का व्यवस्थित तरीके से निरीक्षण किया. कार्रवाई के दौरान कुल 863 पक्षी और जानवर बरामद किए गए. इनमें 431 संरक्षित या अनुसूचित पक्षी बताए गए हैं. इसके अलावा 18 गिनी पिग, 9 ग्रे गिलहरी, 41 सफेद चूहे और 11 खरगोश भी मौके से बचाए गए. जांच टीम के मुताबिक कई पक्षियों और जानवरों  को छोटे और गंदे पिंजरों में रखा गया था. कुछ पिंजरों में क्षमता से अधिक जानवर मौजूद थे. बरामद जीवों की पहचान और जांच के बाद उन्हें संबंधित वन्यजीव एवं पशु कल्याण संगठनों की मदद से अलग-अलग रखा गया.

संरक्षित पक्षियों को वन्यजीव विभाग ने किया जब्त

कार्रवाई के दौरान बरामद संरक्षित और अनुसूचित पक्षियों को संबंधित वन्यजीव अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिया. वहीं, पशु क्रूरता के दायरे में आने वाले मामलों में पीएफए की टीम ने नियमानुसार बचाव अभियान चलाया. अधिकारियों ने बरामद पशु-पक्षियों की स्थिति की जांच करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की. यह पूरी कार्रवाई जामा मस्जिद  थाने की पुलिस टीम ने एसएचओ की देखरेख और दरियागंज एसीपी की निगरानी में की. टीम में सब-इंस्पेक्टर बिजेंद्र, महिला सब-इंस्पेक्टर सलोनी और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शामिल रहे.

पांच आरोपियों पर केस दर्ज

पीएफए से जुड़े एक एक्टिविस्ट की शिकायत और छापेमारी  के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर जामा मस्जिद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों की पहचान की है. पुलिस के अनुसार सभी आरोपी कबूतर मार्केट इलाके के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ कानून के तहत मुचलका भरवाने की कार्रवाई की गई है. पुलिस ने बताया कि फिलहाल इन पांचों आरोपियों के खिलाफ किसी पुराने आपराधिक मामले या आपराधिक गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है. मामले में वन्यजीवों की बरामदगी और कथित अवैध कारोबार से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है.

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