लागत से कम दाम पर खाद्य तेल की बिक्री ने बढ़ाई चिंता, किसानों को नुकसान की आशंका बढ़ी

Imported Edible oil Price : आयातकों की लागत से कम दाम पर बिकवाली से बीते सप्ताह आयातित खाद्य तेलों में गिरावट बनी रही है. घरेलू तेल सरसों का भाव भी नुकसान से साथ बंद हुआ और बिनौला तेल के साथ ही मूंगफली तेल के भाव में स्थिरता देखी गई.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 16 Aug, 2026 | 06:04 PM

बीते एक सप्ताह से विदेशी तेल आयात करने वाले ट्रेडर्स घरेलू बाजार में लागत से कम दाम पर बिक्री कर रहे हैं. इसके चलते सोयाबीन तेल, पाम तेल समेत अन्य आयात किए जाने वाले खाद्य तेलों की कीमतें नीचे बनी हुई हैं. इस स्थिति से बाजार की कमजोर धारणा के असर से घरेलू सरसों के तेल के दाम में भी नुकसान देखा गया है. बाजार सूत्रों का कहना है कि घरेलू तेल जैसे सरसों, मूंगफली तेल आदि की तुलना में आयात किया गया तेल करीब 22 से 28 रुपये सस्ता पड़ रहा है. ऐसे में आयातक खाद्य तेल को लागत से कम कीमत पर बिक्री कर रहे हैं.

आयातकों की लागत से कम दाम पर बिकवाली से बीते सप्ताह आयातित खाद्य तेलों में गिरावट बनी रही है. पीटीआई ने बाजार सूत्रों के हवाले से बताया कि देश में आयातकों की ओर से लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के कारण बीते सप्ताह सोयाबीन तेल और तिलहन, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल जैसे आयातित खाद्य तेलों में गिरावट कायम रही. इस गिरावट के कारण बाजार की कारोबारी धारणा प्रभावित होने से घरेलू सरसों तेल के दाम में भी गिरावट दर्ज की गई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और NCDEX पर लगातार दूसरे सप्ताह खाद्य तेलों की कीमतें कमजोर रही हैं.

घरेलू तेल की तुलना में आयातित तेल सस्ता होना वजह

रिपोर्ट के अनुसार आयातित तेल घरेलू तेल की तुलना में 22 से 28 रुपये प्रति किलो सस्ता होने के चलते मांग कमजोर रहने के बीच मूंगफली तेल और मूंगफली दाना के दाम स्थिर रहे. कम दाम पर किसानों की बिकवाली थमने और ऊंचे भाव पर तेल के नहीं खपने के बीच सरसों तिलहन के दाम भी स्थिर बने रहे. ब्रांडेड कंपनियों की तेल मिलों की मांग बढ़ने और कम उपलब्धता के बीच केवल बिनौला तेल के दाम भी बीते सप्ताह की तुलान में कमजोरी के साथ बंद हुए हैं.

कम दाम पर बिक्री से बैंक और किसानों को नुकसान का खतरा

बाजार सूत्रों ने कहा कि आयातक निरंतर लागत से नीचे दाम पर बिकवाली कर रहे हैं. इसके साथ देखा जाये तो यही आयातक निरंतर आयकर का भी भुगतान कर रहे हैं. बैंकों में अपना कर्ज घुमाते रहने के लिए उन्हें अपनी बैलेंस शीट में मुनाफा दर्शाना होता है. अगर आयातकों का कारोबार बगैर लाभ या मुनाफे की स्थिति में भी रहे तो बैंक आयातकों का लोन सर्टिफिकेट बंद कर देंगे. फिर लागत से नीचे बिकवाली से कौन प्रभावित हो रहा है?

सूत्रों ने कहा कि इन आयातकों का अधिकतम कर्ज सरकारी बैंकों का होता है. अगर इस घाटे की भरपाई का बोझ सरकारी बैंकों पर आता है तो यह अंतत: किसानों, बैंकों का ही नुकसान होगा. इस ओर अधिक ध्यान दिये जाने की जरूरत है.

बिनौला तेल में 200 रुपये प्रति क्विंटल सुधार हुआ

कम उपलब्धता होने और ब्रांडेड कंपनियों की मांग बढ़ने के कारण बीते सप्ताह केवल बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया. ब्रांडेड कंपनियों की औद्योगिक मांग बढ़ने और उपलब्धता कम रहने के बीच एकमात्र बिनौला तेल का दाम 200 रुपये के सुधार के साथ 17100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.

सरसों, सोयाबीन-मूंगफली और पाम तेल का भाव

  • सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 8300-8350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा. जबकि सरसों तेल दादरी 25 रुपये की गिरावट के साथ 16750 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. सरसों के अन्य तेल में भी गिरावट देखी गई.
  • दिल्ली में सोयाबीन तेल 50 रुपये की गिरावट के साथ 15675 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 50 रुपये की गिरावट के साथ 15525 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 100 रुपये की गिरावट के साथ 12000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.
  • मूंगफली के अच्छे दाम मिलने के चलते किसानों ने मूंगफली का रकबा बढ़ाया है. बीते सप्ताह मूंगफली दाना का दाम 7350-7925 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 17000 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2680-2980 रुपये प्रति टिन पर स्थिर बंद हुआ.
  • सीपीओ तेल का दाम भी 100 रुपये की गिरावट के साथ 13700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. पामोलीन दिल्ली 75 रुपये की गिरावट के साथ 15575 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 75 रुपये की गिरावट के साथ 14325 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 16 Aug, 2026 | 06:01 PM

लेटेस्ट न्यूज़