किसानों के लिए कमाई का ATM! सिर्फ 21 रुपये में खरीदें ये पौधा, सालों तक मिलेगा मुनाफा

Coconut Farming: बजट 2026 में सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है. नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है. बिहार में किसानों को 75 फीसदी सब्सिडी पर सिर्फ 21 रुपये में नारियल का पौधा मिलेगा. इस योजना से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 2 Feb, 2026 | 11:38 AM

Nariyal Ki Kheti: केंद्र सरकार ने बजट 2026 में खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में साफ कहा कि सरकार अब परंपरागत खेती के साथ-साथ हाई वैल्यू फसलों पर भी जोर दे रही है. इसी कड़ी में नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘नारियल प्रोत्साहन योजना’ का ऐलान किया गया है. इस योजना का मकसद पुराने और कम उत्पादन देने वाले नारियल के पेड़ों को हटाकर नई और उन्नत किस्मों के पौधे लगाना है.

क्यों खास है नारियल की खेती?

वित्त मंत्री ने बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश है. देश में करीब 3 करोड़ लोग नारियल से जुड़ी खेती और उद्योग पर निर्भर हैं, जिनमें लगभग 1 करोड़ किसान शामिल हैं. नारियल सिर्फ फल ही नहीं है, बल्कि इसका पानी, तेल, रेशा और छिलका भी बाजार में अच्छी कीमत दिलाता है. यही वजह है कि सरकार नारियल की खेती को और मजबूत करना चाहती है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़े और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए मौके बनें.

नारियल प्रोत्साहन योजना क्या है?

बजट 2026 में घोषित नारियल प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में उत्पादन बढ़ाना है. इसके तहत पुराने और अनुत्पादक पेड़ों को हटाकर नई किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को बेहतर दाम मिल पाएंगे. खासतौर पर तटीय क्षेत्रों में इस योजना से नारियल की खेती को नया जीवन मिलने की उम्मीद है.

बिहार में 75% सब्सिडी पर मिलेंगे नारियल के पौधे

नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने भी बड़ी पहल की है. नारियल पौधा वितरण योजना के तहत किसानों को 75 फीसदी सब्सिडी पर नारियल के पौधे दिए जा रहे हैं. इस योजना का संचालन उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग बिहार की ओर से किया जा रहा है. इसका उद्देश्य बिहार जैसे गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में भी नारियल की खेती को बढ़ावा देना है.

सिर्फ 21 रुपये में मिलेगा एक पौधा

इस योजना के तहत एक नारियल पौधे की कुल लागत 85 रुपये तय की गई है. इसमें 70 रुपये उत्पादन खर्च और 15 रुपये परिवहन खर्च शामिल है. सरकार 75 फीसदी यानी 63.75 रुपये की सब्सिडी दे रही है. ऐसे में किसान को सिर्फ 21.25 रुपये प्रति पौधा ही जमा करने होंगे. यह राशि सहायक निदेशक उद्यान कार्यालय में जमा करानी होगी.

कौन उठा सकता है योजना का फायदा?

इस योजना का लाभ किसान ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्र के लोग भी उठा सकते हैं. जो लोग अपने घर के आसपास, किचन गार्डन, बाड़ी या खेत में नारियल लगाना चाहते हैं, वे आवेदन कर सकते हैं. योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की गई है.

एक लाभार्थी को कितने पौधे मिलेंगे?

एक लाभार्थी को न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 नारियल पौधे अनुदानित दर पर मिल सकते हैं. प्रति हेक्टेयर अधिकतम 178 पौधे लगाने की अनुमति है. सरकार का मानना है कि इससे बड़े और छोटे, दोनों तरह के किसानों को फायदा होगा.

एग्री सेक्टर के लिए कितना बजट?

कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए बजट 2026 में 1,62,671 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसका मकसद किसानों की आय बढ़ाना और गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा करना है. नारियल जैसी फसलों को बढ़ावा देकर सरकार खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

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