दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार पर राशन के चावल का घोटाला करने की योजना बनाने का आरोप लगाया गया है. आम आदमी पार्टी ने चावल के खरीद-वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. मामले पर दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने आप के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को माफी मांगने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी. वहीं, सौरभ भारद्वाज में खरीद फरोख्त में शामिल कंपनी और विभागीय दस्तावेज साझा कर दिए हैं. आप विधायक संजीव झा ने भी सब्सिडी वाले चावल की खरीद और बाद में उसकी बिक्री के तरीके पर सवाल उठाए हैं. अब चावल मामले पर राजधानी में सियासत गरमा गई है.
31 हजार मीट्रिक टन चावल घोटाले का आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर 22000 करोड़ के चावल घोटाले की योजना बनाने का आरोप लगाया है. आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रति सप्ताह 31 हजार मीट्रिक टन चावल तीन साल तक केंद्र सरकार के एफसीआई के गोदामों से 23 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाना था.
23 रुपये में खरीदकर 46 में बेचने की थी योजना
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि घोटाला करने के लिए सरकार की योजना यह थी कि यह चावल खरीद कर गरीबों को नहीं बांटा जाना था बल्कि हरियाणा की एक संस्था को 46 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच दिया जाए. यानी उसमें 11 हजार करोड़ रुपये की दलाली खाई जानी थी. क्योंकि, केंद्र सरकार के एफसीआई से 23 रुपये प्रति किलो पर चावल खरीदना था और बेचना 46 रुपये प्रति किलो की कीमत पर था.
असम के कॉरपोरेशन ने दिल्ली सरकार से मांगा था एफसीआई का चावल
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि असम के एक कॉरपोरेशन ने सात जनवरी 2026 को दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह को पत्र लिखा था कि केंद्र सरकार के पास एक स्कीम है जिसमें केंद्र सरकार राज्यों को बहुत ही सस्ते दामों पर चावल देती है. यह चावल उन लोगों को दिया जाता है जो गरीब हैं और उनके पास राशन कार्ड नहीं है. असम के कॉरपोरेशन ने लिखा कि यह चावल हम लेंगे और गरीबों को बाटेंगे.
केंद्रीय सतर्कता आयोग ने पकड़ा मामला, विभागीय आयुक्त निलंबित
कॉरपोरेशन की चिट्ठी के चार माह बाद मंत्री सिरसा ने 8 अप्रैल 2026 को पत्र खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भेज दिया कि इसे कंसीडर किया जाए. इस पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा ने एफसीआई को पत्र लिखा और उनके असम के कॉरपोरेशन को देने के लिए भी पत्र लिखे. इसके बाद कॉरपोरेशन ने उस चावल को हरियाणा की फर्म को बेचने की योजना थी. मामले की शिकायत होने पर केंद्रीय सतर्कता आयोग ने जांच के बाद दिल्ली सरकार को मामले में पत्र लिखा और उसके बाद सरकार ने आयुक्त अरुण कुमार को निलंबित कर दिया है.
आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह केवल अधिकारी पर कार्रवाई का मामला नहीं है. यह मामला मंत्री और पूरी सरकार से जुड़ा हुआ है. इन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉरपोरेशन की चिट्ठी और विभाग के मंजूरी लेटर भी दिखाए. उन्होंने दिल्ली के मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली के गरीब लोगों को मिलने वाले चावल को महंगे दाम में बेच दिया है. इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्पष्टता दें.
Sh Sirsa ji,
Don’t be so annoyed.☺️ Plz specify which part of my press conference about u is not a fact.
Did u not forward the request of the NERAMAC corporation for subsidised rice ?
Did the Corporation distribute rice among the poor of Delhi ?
Did the corporation not… https://t.co/vbiAqnzqwO pic.twitter.com/DMNiB1Q9QI
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) August 9, 2026
मनजिंदर सिरसा ने आप नेताओं को माफी मांगने या कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आप के आरोपों पर कहा कि सौरभ भारद्वाज और संजीव झा ने आज फिर मुझ पर बेबुनियाद, झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए हैं, जिनका मकसद साफ तौर पर मेरी बदनामी करना और मेरी छवि खराब करना है. ऐसा लगता है कि इस तरह का दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाना ही उनका काम करने का तरीका है. लेकिन अब बहुत हो चुका है. उन्होंने आप के दोनों नेताओं को इन झूठे आरोपों को वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए 24 घंटे का समय दिया है. कहा कि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो मैं उन दोनों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करूंगा. उन्होंने कहा कि आप नेता माफी मांगें या अदालत में मिलें.