Green Fodder: गर्मी में पशुपालक अपनाएं ये 4 आसान उपाय, पशु रहेंगे स्वस्थ और चारा मिलेगा भरपूर

बिहार पशुपालन विभाग ने अप्रैल महीने में पशुपालकों को जरूरी सलाह दी है. पशुओं को नियमित कृमिनाशक दवा दें, खरीफ के लिए ज्वार और मक्का की बुआई करें, उन्नत बीजों का उपयोग करें और गर्मी में शाम को सिंचाई करें. इन आसान उपायों से पशु स्वस्थ रहेंगे, दूध बढ़ेगा और हरे चारे की कमी नहीं होगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 6 Apr, 2026 | 11:44 AM

Bihar Animal Husbandry: गर्मी बढ़ने के साथ पशुपालकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. इस मौसम में अगर पशुओं की सेहत, चारे और खेत की सही देखभाल न की जाए, तो दूध उत्पादन घट सकता है और पशु जल्दी बीमार पड़ सकते हैं. इसी को देखते हुए बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने अप्रैल महीने के लिए खास सलाह जारी की है. विभाग का कहना है कि इस समय पशुओं को नियमित कृमिनाशक दवा, खरीफ के लिए हरा चारा तैयार करना और फसल की सही सिंचाई बेहद जरूरी है. अगर किसान इन आसान बातों का ध्यान रखें, तो पशु स्वस्थ रहेंगे और आने वाले महीनों में हरे चारे की कमी भी नहीं होगी.

पशुओं को नियमित दें कृमिनाशक दवा

गर्मी के मौसम में पशुओं में पेट के कीड़ों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इससे पशु कमजोर होने लगते हैं, उनका वजन घटता है और दूध उत्पादन  पर सीधा असर पड़ता है. विभाग ने सलाह दी है कि पशुपालक पशु चिकित्सक की सलाह से नियमित अंतराल पर कृमिनाशक दवा जरूर दें. अगर समय पर दवा दी जाए तो पशु का पाचन सही रहता है, चारा अच्छे से लगता है और शरीर को पूरा पोषण मिलता है. खासकर दुधारू गाय-भैंस और छोटे बछड़ों में यह सावधानी बहुत जरूरी मानी जाती है. छोटी सी लापरवाही पशुओं की सेहत पर भारी पड़ सकती है, इसलिए दवा का समय बिल्कुल न छोड़ें.

खरीफ के लिए अभी से करें ज्वार और मक्का की बुआई

विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए ज्वार और मक्का जैसे हरे चारे की फसलों की बुआई  अभी से शुरू करें. ये दोनों फसलें पशुओं के लिए बहुत पौष्टिक मानी जाती हैं और गर्मी के बाद बरसात के मौसम में भरपूर हरा चारा देती हैं. अगर अभी से खेत तैयार कर बुआई कर दी जाए, तो समय पर अच्छी फसल मिलती है और बाजार से महंगा चारा खरीदने की जरूरत कम पड़ती है. हरे चारे से पशुओं को जरूरी ऊर्जा, फाइबर और मिनरल्स मिलते हैं, जिससे दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती हैं.

उन्नत बीज से मिलेगा ज्यादा उत्पादन

विभाग का कहना है कि अगर किसान हरे चारे से ज्यादा उत्पादन चाहते हैं, तो उन्नत किस्म के बीजों  का इस्तेमाल जरूर करें. अच्छे बीजों से फसल की बढ़वार तेज होती है, पौधे मजबूत बनते हैं और कटाई के समय चारे की मात्रा ज्यादा मिलती है. कम जमीन वाले पशुपालकों के लिए यह सलाह बहुत फायदेमंद है, क्योंकि अच्छी किस्म के बीज से कम क्षेत्र में भी ज्यादा हरा चारा तैयार किया जा सकता है.
इससे पूरे साल पशुओं के लिए पौष्टिक चारा उपलब्ध रहता है और चारे की लागत भी कम होती है.

गर्मी में शाम को करें सिंचाई, फसल रहेगी सुरक्षित

अप्रैल में तापमान तेजी से बढ़ता है. ऐसे में दिन के समय सिंचाई करने से पानी जल्दी सूख जाता है और पौधों को पूरा फायदा नहीं मिल पाता. इसीलिए विभाग ने साफ सलाह दी है कि गर्मी ज्यादा होने पर चारे की फसल की सिंचाई सायंकाल यानी शाम के समय करें. शाम को पानी देने से नमी लंबे समय तक मिट्टी में बनी रहती है और पौधों की जड़ें बेहतर तरीके से पानी सोख पाती हैं. इससे फसल की बढ़वार अच्छी होती है और उत्पादन भी बढ़ता है. इसके साथ ही पानी की बचत  भी होती है, जो आज के समय में बहुत जरूरी है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

तरबूज की खेती किस सीजन में की जाती है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
विटामिन सी
विजेताओं के नाम
राजेश श्रीवास्तव, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश

लेटेस्ट न्यूज़