झारखंड में भर्ती परीक्षा को लेकर भड़के छात्र, 24 जिलों में प्रदर्शन के बाद अब CM आवास घेरेंगे छात्र

JPSC Exam Controversy: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. JPSC और JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है.

नोएडा | Published: 16 Aug, 2026 | 07:40 AM

Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. JPSC और JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अब आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है. छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जानी चाहिए. छात्रों ने मामले की CBI जांच कराने की भी मांग उठाई है. मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग तक कर दी है.

20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव

जेपीएससी-जेएसएसी रिफॉर्म्स मंच ने ऐलान किया है कि, छात्र 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. छात्र नेताओं के मुताबिक, यह प्रदर्शन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के खिलाफ किया जाएगा. छात्र नेता पीयूष कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि JPSC और JSSC CGL परीक्षा को रद्द किया जाना चाहिए और पूरे मामले की CBI से जांच कराई जानी चाहिए. उनका कहना है कि अगर सरकार इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी, लेकिन आने वाला प्रदर्शन उससे बड़ा हो सकता है.

24 जिला मुख्यालयों में पुतला जलाने का ऐलान

आंदोलन को राज्यभर में फैलाने की तैयारी भी की जा रही है. छात्र नेताओं ने रविवार को झारखंड के सभी 24 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पुतला जलाने का कार्यक्रम रखा है. छात्र नेता रवींद्र पासवान के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाए जाएंगे. छात्रों का आरोप है कि कांग्रेस और झामुमो उनकी मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. छात्र नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने फोन पर छात्रों से बातचीत कर उनके साथ खड़े रहने की बात कही थी. ऐसे में छात्र नेताओं ने कहा है कि अगर कांग्रेस वास्तव में छात्रों की मांगों का समर्थन करती है तो उसे सरकार पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाना चाहिए.

परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग

छात्रों की मुख्य मांगों में भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है. प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके. छात्र नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षा युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती है. ऐसे में अगर परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठते हैं तो छात्रों का भरोसा कमजोर होता है. उनका कहना है कि सरकार को इस मामले में जल्द फैसला लेना चाहिए.

’10 अगस्त का विधानसभा घेराव सिर्फ झलक था’

पीयूष कुमार ने कहा कि 10 अगस्त को हुआ विधानसभा घेराव सिर्फ एक झलक थी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सभी संबंधित परीक्षाओं को रद्द नहीं किया गया और CBI जांच की मांग नहीं मानी गई तो 20 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. छात्रों ने यह भी कहा है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर फैसला नहीं होता, वे आंदोलन जारी रखेंगे. इससे आने वाले दिनों में झारखंड में छात्र आंदोलन के और तेज होने की संभावना है.

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का यह आंदोलन अब राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. एक तरफ छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की तैयारी हो रही है. 20 अगस्त को होने वाले प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर अब सभी की नजर रहेगी. छात्रों की मांगों और सरकार के रुख के बीच आगे की रणनीति से तय होगा कि यह आंदोलन किस दिशा में जाता है.

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