Jharkhand Student Protest: रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा घेराव के लिए निकले हजारों छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग की, फिर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ते रहे. जब छात्रों ने आखिरी बैरिकेड भी तोड़ दिया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान कई छात्रों के घायल होने का दावा किया गया. कुछ प्रदर्शनकारी पीछे के रास्ते से विधानसभा के करीब तक पहुंचने में भी कामयाब रहे.
बैरिकेड टूटा तो पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए निकले. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी. प्रदर्शनकारी जब आगे बढ़े तो पुलिस ने वाटर कैनन से उन्हें तितर-बितर करने की कोशिश की, लेकिन छात्रों की भीड़ पर इसका खास असर नहीं पड़ा. छात्र लगातार आगे बढ़ते रहे और आखिरी बैरिकेड को भी तोड़ दिया.
सिर से पैर तक मारी गई लाठी, छात्रों ने लगाए आरोप
#WATCH झारखंड: रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन | विरोध कर रहे छात्रों के ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया। जवाब में प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन पर चप्पलें और पानी की खाली बोतलें फेंकीं। pic.twitter.com/VTPYyzdf5p
और पढ़ें— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
बैरिकेडिंग टूटने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया. घायल छात्र प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और किसी तरह की गाली-गलौज नहीं की गई थी. उनका आरोप है कि अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया. एक अन्य छात्र ने कहा कि सिर, मुंह, पेट और पैर समेत शरीर के कई हिस्सों में लाठियां मारी गईं. कुछ छात्रों ने पुलिस पर पीछे से लाठीचार्ज करने का भी आरोप लगाया. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई की बात भी सामने आई.
पीछे के रास्ते से विधानसभा के करीब पहुंचे छात्र
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर पीछे के रास्ते से विधानसभा के करीब पहुंच गए. बताया गया कि पुलिस को इस रास्ते से छात्रों के आने की जानकारी नहीं थी. वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य विधानसभा तक पहुंचकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखना था. छात्र JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं.
पूर्व CM अर्जुन मुंडा ने लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए थी और छात्रों पर लाठीचार्ज निंदनीय है. उन्होंने इसे सरकार की विश्वसनीयता से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं. दूसरी ओर, छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और उनका कहना है कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर स्पष्ट कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.