तेलंगाना में कपास किसानों के लिए बड़ी खबर, 3 लाख एकड़ बढ़ा रकबा.. CCI ने खरीद की तैयारी की तेज

Cotton Crop: तेलंगाना में इस साल खरीफ फसलों की बुवाई सामान्य स्तर के करीब पहुंच गई है. कपास का रकबा भी करीब 3 लाख एकड़ बढ़ा है. बढ़ी हुई आवक को देखते हुए CCI ने खरीद केंद्रों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. सरकार ने जिला स्तर पर निगरानी समितियां बनाने और किसानों की स्लॉट बुकिंग से जुड़ी समस्याएं दूर करने पर भी जोर दिया है.

नोएडा | Published: 19 Aug, 2026 | 10:01 AM

Cotton Acreage Telangana: तेलंगाना में इस साल खरीफ फसलों की बुवाई लगभग सामान्य स्तर पर पहुंच गई है. बारिश में देरी और बीच-बीच में कम बारिश के बावजूद किसानों ने खेती का रकबा संभाल लिया है. खास बात यह है कि कपास की खेती भी उम्मीद से ज्यादा हुई है. राज्य में कपास का रकबा करीब 3 लाख एकड़ बढ़ा है. ऐसे में अब सरकार और कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने कपास की खरीद को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने खरीद व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और CCI के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है. साथ ही मिल मालिकों से अगले 2-3 सप्ताह में कपास मिलें शुरू करने को कहा गया है, ताकि मंडियों और खरीद केंद्रों पर फसल की आवक बढ़ने के बाद किसानों को परेशानी न हो.

खरीफ का रकबा सामान्य स्तर के करीब

इस खरीफ सीजन में तेलंगाना के किसानों ने कुल 47.71 लाख एकड़ यानी करीब 19.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बुवाई की है. यह राज्य के सामान्य खरीफ क्षेत्रफल के लगभग बराबर है. सीजन की शुरुआत में बारिश में देरी और अनियमित बारिश को देखते हुए फसल क्षेत्र घटने की आशंका थी. इसके अलावा अल नीनो के असर को लेकर भी कपास की खेती कम होने की संभावना जताई जा रही थी. लेकिन किसानों ने इन आशंकाओं को पीछे छोड़ते हुए कपास का रकबा बढ़ा दिया.

कपास की खेती में करीब 3 लाख एकड़ की बढ़ोतरी

तेलंगाना में कपास का रकबा इस बार करीब 3 लाख एकड़ यानी 1.21 लाख हेक्टेयर बढ़ा है. इससे आने वाले समय में राज्य के खरीद केंद्रों पर कपास की आवक बढ़ने की संभावना है. इसी को देखते हुए CCI ने खरीद केंद्रों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. राज्य सरकार ने CCI से खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने और किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न होने देने को कहा है. सरकार ने एजेंसी को हर जरूरी सहयोग देने का भरोसा भी दिया है.

मिलें जल्दी शुरू करने की तैयारी

कृषि मंत्री ने कपास मिल मालिकों से अगले 2-3 सप्ताह में मिलें शुरू करने की अपील की है. इसका सीधा फायदा यह होगा कि, खरीद केंद्रों पर आने वाली कपास को समय पर मिलों तक पहुंचाया जा सकेगा. अगर मिलें समय पर शुरू हो जाती हैं तो किसानों की फसल के भंडारण और प्रोसेसिंग को लेकर दबाव कम हो सकता है. वहीं, खरीद प्रक्रिया भी ज्यादा आसानी से चल सकेगी.

किसानों की शिकायतों पर रहेगी नजर

सरकार ने कपास खरीद की निगरानी के लिए जिला स्तर पर समितियां बनाने का फैसला किया है. इन समितियों में किसानों को भी शामिल किया जाएगा. इसका मकसद खरीद केंद्रों पर आने वाली समस्याओं की जानकारी लेना और शिकायतों का जल्द समाधान करना है. इस व्यवस्था से किसानों को अपनी परेशानी सीधे सामने रखने का मौका मिलेगा और अधिकारियों को भी जमीनी स्थिति की जानकारी मिल सकेगी.

स्लॉट बुकिंग बनी किसानों की परेशानी

कपास बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था को लेकर कुछ किसानों ने दिक्कतें बताई हैं. खम्मम जिले के किसानों के मुताबिक, पहले राज्य सरकार के एप पर मंडल स्तर के खरीद केंद्रों के लिए स्लॉट मिलते थे. अब जिला स्तर पर स्लॉट दिए जा रहे हैं, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है. किसानों ने ‘किसान कपास’ एप में भी बदलाव की मांग की है. उनका कहना है कि एप को इस्तेमाल करना आसान बनाया जाना चाहिए. किसानों की शिकायतों को देखते हुए कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से एप को किसानों के सुझावों के मुताबिक ज्यादा सुविधाजनक बनाने का आग्रह किया है.

कम बारिश से खरपतवार की समस्या घटी

हालांकि कम बारिश किसानों के लिए चिंता का कारण रही है, लेकिन इसका एक फायदा भी सामने आया है. किसानों के मुताबिक, बारिश कम होने से खेतों में खरपतवार की समस्या पहले की तुलना में कम रही. इससे फसल की देखभाल और खेत प्रबंधन में कुछ राहत मिली है. कुल मिलाकर तेलंगाना में खरीफ सीजन की स्थिति फिलहाल सामान्य नजर आ रही है. कपास का रकबा बढ़ने से अब सबसे बड़ी चुनौती इसकी खरीद और प्रोसेसिंग को सुचारु रखना होगी. सरकार और CCI की तैयारियां इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

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