मिलेट समेत अन्य मोटे अनाज से रोटियां बनाने के लिए विकसित की गई मशीन को पेटेंट मिला है. इस मशीन को भारतीय श्रीअन्न अनुसंधान संस्थान (IIMR) और हैदराबाद के निजी संस्थान ने विकसित किया है. IIMR के इनक्यूबेशन हब ने प्रोटोटाइप और डिजाइन विकसित करने के लिए 3 लाख रुपये की फंडिंग भी दी है. रिसर्चर्स अब इस मशीन की कीमत कम करने के लिए बदलावों पर काम कर रहे हैं और उसके बाद इसे मार्केट में उतारने की योजना है.
हैदराबाद के VNR विज्ञाना ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (VNRVJIET) के रिसर्चर्स ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट्स रिसर्च (IIMR) के साथ मिलकर, खास तौर पर मोटे अनाज (मिलेट) से बनी रोटियां बनाने के लिए एक स्वदेशी ऑटोमेटेड रोटी-मेकिंग मशीन विकसित की है, जिसके लिए उन्हें इंडस्ट्रियल डिजाइन पेटेंट मिला है. इस रिसर्च का मकसद मोटे अनाज की रोटी बनाने में लगने वाले ज्यादा समय और मेहनत की समस्या को हल करना है.
मोटे अनाज की रोटी फटाफट तैयार करेगी मशीन
VNR VJIET में इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख और मुख्य रिसर्चर प्रणवानंद सत्यमूर्ति ने मीडिया से कहा कि इस इनोवेशन का मकसद भारतीय घरों के लिए मोटे अनाज से बनी रोटियां बनाना तेज, ज्यादा सुविधाजनक और आसान बनाना है, ताकि पौष्टिक मोटे अनाज वाले भोजन को ज्यादा लोग अपना सकें. उन्होंने कहा कि मोटे अनाज वाले भोजन में लोगों की दिलचस्पी बढ़ने के बावजूद, इसे बनाने में लगने वाला ज्यादा समय और मेहनत रोजाना के इस्तेमाल में सबसे बड़ी रुकावट रही है.
मिलेट रोटी हर घर में बनाने की कोशिश का पहला कदम
मुख्य रिसर्चर प्रणवानंद सत्यमूर्ति ने कहा कि युवा भारतीय तेजी से स्वस्थ जीवनशैली और खान-पान की बेहतर आदतें अपना रहे हैं. ऐसे में यह पेटेंटेड इनोवेशन मोटे अनाज के सेवन को और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ देश में विकसित फूड-प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को भी आगे बढ़ाएगा. उन्होंने कहा कि यह रोटी मेकिंग मशीन हर घर तक पहुंचाने की कोशिश में पहला कदम है.
3 लाख की फंडिंग मिली, मार्केट फिट पर काम तेज
IIMR के इनक्यूबेशन हब, NUTRI-Hub ने प्रोटोटाइप और डिजाइन विकसित करने के लिए 3 लाख रुपये की फंडिंग दी है. रिसर्चर्स का लक्ष्य इस मशीन की कीमत को मौजूदा मॉडलों की 1.5 लाख रुपये की कीमत के मुकाबले घटाकर लगभग 40,000 रुपये करना है. इसके लिए मशीन में कई बदलावों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. मार्केट फिट होने के बाद इसे बाजार में उतारने की योजना है.