लासलगांव मंडी में महंगा हुआ प्याज, 5 दिन में 20 फीसदी बढ़े रेट.. इस वजह से कीमतों में आई तेजी
महाराष्ट्र की प्रमुख प्याज मंडियों में बारिश के कारण आवक घटने से कीमतों में तेजी आई है. लासलगांव एपीएमसी में पांच दिनों में प्याज का औसत भाव 25 फीसदी बढ़कर 2,760 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. पिंपलगांव में भी छह दिनों में भाव 28 फीसदी बढ़ा. फिलहाल मंडियों में स्टोर किया हुआ समर प्याज ही पहुंच रहा है.
महाराष्ट्र की लासलगांव एपीएमसी मंडी में प्याज के थोक भाव तेजी से बढ़े हैं. पिछले पांच दिनों में प्याज की औसत कीमत करीब 25 फीसदी बढ़ गई. 8 अगस्त को प्याज का औसत भाव 2,180 रुपये प्रति क्विंटल था, जो गुरुवार को बढ़कर 2,760 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. मंडी अधिकारियों और कारोबारियों के मुताबिक, नासिक जिले में लगातार बारिश होने से मंडी में प्याज की आवक काफी कम हो गई है. दूसरी ओर, बाजार में प्याज की मांग बनी हुई है. आवक घटने और मांग स्थिर रहने से कीमतों में तेजी आई है.
पिछले दो हफ्तों में लासलगांव एपीएमसी में प्याज की रोजाना आवक करीब 50 फीसदी घट गई है. पहले मंडी में रोजाना करीब 15,000 क्विंटल प्याज आता था, लेकिन अब यह घटकर करीब 8,000 क्विंटल रह गया है. कारोबारियों के मुताबिक, अगर बारिश जारी रही और आवक में और कमी आई तो प्याज की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. फिलहाल मंडी में मार्च और अप्रैल में तैयार हुए समर प्याज की ही आवक हो रही है. यह स्टोर किया हुआ प्याज अक्टूबर के मध्य तक बाजार की जरूरत पूरी करता है. इसके बाद नई खरीफ प्याज की आवक शुरू होने की उम्मीद है.
बारिश से प्याज की आवक प्रभावित, थोक भाव में तेजी
एपीएमसी के एक अधिकारी के मुताबिक, जिन किसानों को पैसों की तत्काल जरूरत होती है, वे अपने स्टोरेज से सीमित मात्रा में प्याज मंडी में ला रहे हैं. लेकिन लगातार हो रही बारिश से प्याज की आवाजाही प्रभावित हुई है. इससे मंडी में आवक कम हुई और थोक कीमतों में तेजी आई है. समर प्याज को आमतौर पर 6 से 7 महीने तक स्टोर किया जा सकता है. इसलिए किसान बेहतर भाव की उम्मीद में फसल का भंडारण करते हैं और अपनी आर्थिक जरूरत के हिसाब से धीरे-धीरे प्याज बाजार में बेचते हैं.
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लासलगांव मंडी में प्याज की आवक आधी
महाराष्ट्र की प्रमुख प्याज मंडियों में आवक कम होने से प्याज के थोक भाव तेजी से बढ़ रहे हैं. लासलगांव एपीएमसी में गुरुवार को प्याज का औसत भाव 2,760 रुपये प्रति क्विंटल रहा. यहां न्यूनतम भाव 800 रुपये और अधिकतम 3,117 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. गुरुवार को लासलगांव मंडी में करीब 8,000 क्विंटल प्याज की नीलामी हुई, जबकि शनिवार को करीब 15,000 क्विंटल प्याज आया था. यानी कुछ दिनों में मंडी की आवक करीब आधी रह गई है. सप्लाई कम होने से बाजार में प्याज की उपलब्धता घटी है, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है.
पिंपलगांव में प्याज के भाव 28 फीसदी बढ़े
इसी तरह पिंपलगांव एपीएमसी में भी प्याज के दाम बढ़े हैं. पिछले छह दिनों में यहां औसत थोक भाव करीब 28 फीसदी बढ़कर 2,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. 8 अगस्त को यह भाव 2,300 रुपये प्रति क्विंटल था. गुरुवार को पिंपलगांव मंडी में न्यूनतम भाव 2,000 रुपये और अधिकतम 3,800 रुपये प्रति क्विंटल रहा. महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा कि फिलहाल मंडियों में मार्च-अप्रैल में तैयार और किसानों द्वारा स्टोर किया गया समर प्याज ही आ रहा है. उन्होंने कहा कि भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को देखते हुए भी किसानों को मिल रहा भाव उत्पादन लागत से कम है. प्याज की उत्पादन लागत करीब 2,000 रुपये प्रति क्विंटल बैठती है.