रायपुर कृषि यूनिवर्सिटी में फिर पेपर लीक! तीसरी बार परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगातार तीसरी बार पेपर लीक की पुष्टि हुई है. इस बार जेनेटिक्स का प्रश्नपत्र परीक्षा से करीब 5 घंटे पहले उत्तरों सहित सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जांच में लिफाफे से छेड़छाड़ मिली, जिसके बाद पुलिस जांच तेज हो गई है.
Raipur Paper Leak: रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के दूसरे सेमेस्टर की ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही सोशल मीडिया पर उत्तरों के साथ वायरल हो गया. जांच के बाद विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय समिति ने प्रश्नपत्र वाले लिफाफे में छेड़छाड़ की पुष्टि की है. यह विश्वविद्यालय में पेपर लीक का तीसरा मामला सामने आया है, जिससे परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं.
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर पहुंचा पेपर
जेनेटिक्स विषय की परीक्षा 19 अगस्त को आयोजित होनी थी. हालांकि परीक्षा शुरू होने से करीब 5 से 6 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी सामने आई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बताया गया कि सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच प्रश्नपत्र उत्तरों के साथ प्रसारित किया गया. मामले की जांच के दौरान विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय समिति ने परीक्षा के लिए भारतीय कृषि महाविद्यालय से लौटे प्रश्नपत्र के लिफाफे की जांच की. समिति को लिफाफे में छेड़छाड़ के संकेत मिले. जांच में सामने आया कि लिफाफा पहले खोला गया और फिर उसे सावधानी से बंद करने की कोशिश की गई थी.
लिफाफे से खुला पेपर लीक का राज
जांच समिति के अनुसार, लिफाफे में मिली छेड़छाड़ का तरीका पहले सामने आए पेपर लीक मामलों से मिलता-जुलता है. इससे आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा केंद्र के भीतर ही लिफाफे को खोलकर प्रश्नपत्र निकाला गया और उसकी जानकारी बाहर पहुंचाई गई. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने तेलीबांधा थाना प्रभारी को पत्र भेजा है. इसमें जेनेटिक्स पेपर लीक के मामले को पहले से चल रही जांच में शामिल करने का अनुरोध किया गया है.
पहले कीटनाशक विज्ञान और प्लांट पैथोलॉजी के पेपर हुए लीक
विश्वविद्यालय में इससे पहले कीट विज्ञान का प्रश्नपत्र भी परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी. पुलिस ने इस मामले में एक प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद प्लांट पैथोलॉजी का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया. पुलिस जांच में दावा किया गया कि पहले गिरफ्तार आरोपियों ने ही पैसे लेकर यह प्रश्नपत्र भी लीक किया था. पेपर लीक के कारण निरस्त परीक्षाओं को अब सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराने की तैयारी है.
अब पुराने आरोपियों से होगी पूछताछ
मीडिया रिपोेर्ट के अनुसार, मामले को लेकर सिविल लाइन के एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से जेनेटिक्स का पेपर लीक होने की शिकायत मिली है और पुलिस इसकी जांच कर रही है. पुलिस पहले गिरफ्तार प्रोफेसर और अन्य आरोपियों से पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड लेने की तैयारी में है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि जेनेटिक्स का प्रश्नपत्र भी पहले के मामलों से जुड़े लोगों तक पहुंचा था या इसके पीछे कोई अलग नेटवर्क काम कर रहा था. अगर पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में इस मामले से जुड़ी जानकारी नहीं मिलती है, तो जेनेटिक्स पेपर लीक को लेकर अलग एफआईआर दर्ज की जा सकती है. लगातार तीसरी घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है.