हरियाणा में सूरजमुखी की कटाई तेज, मंडियों में शुरू हुई आवक.. पर नहीं हो रही खरीदी

हरियाणा के अंबाला में सूरजमुखी की कटाई शुरू होने के साथ किसान मंडियों में पहुंचने लगे हैं, लेकिन सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होने के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है. किसान 25 मई से खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं. मजदूरों की कमी, फसल सुखाने की दिक्कत और अतिरिक्त खर्च किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 21 May, 2026 | 01:39 PM

Sunflowers Purchase: हरियाणा में सूरजमुखी की कटाई शुरू हो गई है. इसके साथ ही किसान अपनी फसल लेकर अनाज मंडियों में पहुंचने लगे हैं. हालांकि, सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होनी है, इसलिए किसानों को फसल सुखाकर और साफ करके बाद में आने के लिए कहा जा रहा है. फसल तैयार होने के बाद किसानों ने राज्य सरकार से मांग की है कि सूरजमुखी की खरीद 1 जून के बजाय 25 मई से शुरू की जाए. रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.

कुरुक्षेत्र के टिगरी गांव के किसान कंवरपाल ने ‘द ट्रिब्यून’ को बताया कि किसानों को सूरजमुखी की फसल सुखाने और साफ करने में परेशानी हो रही है, क्योंकि उनके पास पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है. इसी कारण कई किसान अपनी फसल लेकर अंबाला कैंट अनाज मंडी पहुंच रहे हैं. उन्होंने बताया कि मजदूरों की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है, इसलिए किसानों को मंडी में ही फसल साफ करवानी पड़ रही है. कंवरपाल ने कहा कि उनकी फसल बिक्री  के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होगी. ऐसे में उन्हें फसल वापस ले जानी पड़ेगी और बाद में फिर मंडी आना होगा. इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, क्योंकि दोबारा लोडिंग और अनलोडिंग का खर्च भी उठाना पड़ रहा है.

व्यापारी को नहीं बेच रहे उपज

किसानों का कहना है कि सूरजमुखी की फसल काफी संवेदनशील होती है और तेज हवा या बारिश होने पर कुछ ही मिनटों में फसल खराब हो सकती है. एक किसान ने कहा कि वह सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार करेगा और अपनी फसल एमएसपी  पर ही बेचेगा. वहीं, मंडी के एक आढ़ती ने कहा कि किसान निजी खरीदारों को फसल बेचने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, क्योंकि वहां उन्हें एमएसपी से कम दाम मिल रहे हैं. इसलिए किसान अपनी फसल ट्रॉलियों में भरकर वापस ले जा रहे हैं और सरकारी खरीद शुरू होने पर दोबारा मंडी आएंगे. उन्होंने बताया कि इस साल सूरजमुखी की बंपर पैदावार हुई है और फसल की गुणवत्ता भी अच्छी है.

10 प्रतिशत सूरजमुखी की कटाई पूरी

उप कृषि निदेशक डॉ. जसविंदर सिंह के अनुसार अब तक करीब 10 प्रतिशत सूरजमुखी की कटाई पूरी हो चुकी है और आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, नई अनाज मंडी के सचिव नीरज भारद्वाज ने बताया कि किसान अपनी फसल को सुखाने और साफ कराने के लिए मंडी में ला रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होगी. पिछले साल मंडी में करीब 40 हजार क्विंटल सूरजमुखी  की आवक हुई थी, जबकि इस बार इससे ज्यादा फसल आने की उम्मीद है.

25 मई से खरीद शुरू करने की मांग

भारतीय किसान यूनियन (चरुणी) के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि संगठन ने राज्य सरकार से सूरजमुखी की सरकारी खरीद 1 जून के बजाय 25 मई से शुरू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस साल सूरजमुखी की खेती का रकबा बढ़ा है, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जाए. साथ ही उन्होंने मांग की कि खरीद प्रक्रिया कम से कम 15 जुलाई तक जारी रखी जाए.

Published: 21 May, 2026 | 01:34 PM

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