भैंसों पर टूटा गर्मी का कहर! लू और हीट स्ट्रोक से बिगड़ रही हालत, समय रहते न संभाले तो हो सकता है बड़ा नुकसान!

Heat Stroke In Buffaloes: मई की भीषण गर्मी अब सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि मवेशियों के लिए भी खतरे की घंटी बन गई है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच गाय और भैंस लू (हीट स्ट्रोक) की चपेट में आ रही हैं, जिससे पशुपालकों की परेशानी बढ़ती जा रही है. अगर समय रहते सावधानी न बरती गई, तो यह गर्मी पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन दोनों पर भारी पड़ सकती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 16 May, 2026 | 05:19 PM
1 / 6मई की तेज और झुलसाने वाली गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण जिले में गाय और भैंसों में लू (हीट स्ट्रोक) के मामले सामने आने लगे हैं, जिससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है.

मई की तेज और झुलसाने वाली गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण जिले में गाय और भैंसों में लू (हीट स्ट्रोक) के मामले सामने आने लगे हैं, जिससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है.

2 / 6कुंवर घनश्याम के अनुसार, गायों की तुलना में भैंसों को लू लगने का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि उनका शरीर गर्मी को जल्दी बाहर नहीं निकाल पाता. अगर उन्हें लंबे समय तक तेज धूप में बांधकर रखा जाए या गर्म हवा वाले बाड़े में रखा जाए, तो उनकी हालत तेजी से बिगड़ सकती है.

कुंवर घनश्याम के अनुसार, गायों की तुलना में भैंसों को लू लगने का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि उनका शरीर गर्मी को जल्दी बाहर नहीं निकाल पाता. अगर उन्हें लंबे समय तक तेज धूप में बांधकर रखा जाए या गर्म हवा वाले बाड़े में रखा जाए, तो उनकी हालत तेजी से बिगड़ सकती है.

3 / 6गर्मियों में अगर भैंसों को पर्याप्त मात्रा में साफ और ठंडा पानी नहीं दिया जाए, तो शरीर में पानी और लवणों की कमी हो जाती है, जिससे उनका शरीर कमजोर पड़ने लगता है और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

गर्मियों में अगर भैंसों को पर्याप्त मात्रा में साफ और ठंडा पानी नहीं दिया जाए, तो शरीर में पानी और लवणों की कमी हो जाती है, जिससे उनका शरीर कमजोर पड़ने लगता है और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

4 / 6लू लगने के स्पष्ट लक्षणों में पशु का तेज-तेज सांस लेना, लगातार मुंह से लार गिरना, शरीर का तापमान 106 से 108 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच जाना और ज्यादा बेचैनी शामिल है. ऐसे में पशु कई बार खाना-पीना भी बंद कर देता है.

लू लगने के स्पष्ट लक्षणों में पशु का तेज-तेज सांस लेना, लगातार मुंह से लार गिरना, शरीर का तापमान 106 से 108 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच जाना और ज्यादा बेचैनी शामिल है. ऐसे में पशु कई बार खाना-पीना भी बंद कर देता है.

5 / 6गंभीर स्थिति में पशु चक्कर खाकर गिर सकता है और लगातार हांफता रहता है, जो उसकी हालत को और भी खतरनाक बना देता है. ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत उपचार करना बेहद जरूरी हो जाता है.

गंभीर स्थिति में पशु चक्कर खाकर गिर सकता है और लगातार हांफता रहता है, जो उसकी हालत को और भी खतरनाक बना देता है. ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत उपचार करना बेहद जरूरी हो जाता है.

6 / 6पशु वैज्ञानिकों की सलाह है कि लू लगने पर पशु को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर रखें, उसके शरीर पर पानी का छिड़काव करें, ORS या नमक-गुड़ मिला पानी दें और पशु को कूलर या पंखे की हवा में रखें, ताकि उसकी स्थिति को जल्दी नियंत्रित किया जा सके.

पशु वैज्ञानिकों की सलाह है कि लू लगने पर पशु को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर रखें, उसके शरीर पर पानी का छिड़काव करें, ORS या नमक-गुड़ मिला पानी दें और पशु को कूलर या पंखे की हवा में रखें, ताकि उसकी स्थिति को जल्दी नियंत्रित किया जा सके.

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