किसानों का गुस्सा फूटा, DSR तकनीक में पानी बचत का दावा निकला पूरी तरह गलत साबित होने का आरोप

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 30 Jun, 2026 | 07:51 PM

हरियाणा के प्रगतिशील किसान संजीव राणा ने धान की सीधी बिजाई यानी DSR (Direct Seeded Rice) विधि को लेकर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला जमीनी सच उजागर किया है. सरकार का दावा है कि DSR विधि से पानी और लागत की बचत होती है, लेकिन किसान का कहना है कि इस विधि में पानी हर रोज देना पड़ता है जिससे पानी की बर्बादी और ज्यादा होती है. इसके साथ ही, खेत में 3 बार खरपतवार नाशक (Pesticides) का स्प्रे करना पड़ता है और 7 से 9 किलो महंगा बीज लगने के कारण लागत घटने के बजाय दोगुनी हो जाती है. इस वीडियो में हम यह भी देखेंगे कि कैसे जमीनी स्तर पर बिजली संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है.

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Published: 30 Jun, 2026 | 08:51 PM

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