किसान आंदोलन की 7 बड़ी तस्वीरें: कहीं नारे, बैरिकेडिंग तो कहीं पुलिस का पहरा, बॉर्डर से किसान घाट तक बढ़ी हलचल
Kisan Ghat Farmer’s Protest: दिल्ली में आज किसान आंदोलन का असर साफ दिखाई दे रहा है. अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध और अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान राजधानी पहुंचे. 'देश बचाओ मोर्चा' के आह्वान पर जुटे किसानों ने दिल्ली की ओर कूच किया, जिसके बाद कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई. किसान घाट समेत प्रमुख जगहों पर पुलिस बल तैनात किया गया और कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने की खबर सामने आई. देखिए आंदोलन से जुड़ीं बड़ी तस्वीरें, जहां सड़कों पर किसानों का जमावड़ा, पुलिस की तैयारी और प्रदर्शन के अलग-अलग रंग नजर आए.

दिल्ली बॉर्डर पर बैरिकेडिंग: किसानों के दिल्ली मार्च को देखते हुए बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई. पुलिस ने आवाजाही नियंत्रित करने के लिए कई इंतजाम किए. हरियाणा पुलिस ने बड़े-बड़े ट्रकों और बैरिकेड लगाकर सभी रास्ते बंद कर दिए, जिससे सैकड़ों ट्रक और वाहन वहीं फंस गए.

'देश बचाओ मोर्चा' का आह्वान: किसान संगठनों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचे और प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर अपनी चिंताएं सरकार के सामने रखने की कोशिश की.

किसान घाट पर सुरक्षा बढ़ी: किसान आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. कई जगह बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया.

दिल्ली बॉर्डर पर बैरिकेडिंग: किसानों के दिल्ली मार्च को देखते हुए बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई. पुलिस ने आवाजाही नियंत्रित करने के लिए कई इंतजाम किए. हरियाणा पुलिस ने बड़े-बड़े ट्रकों और बैरिकेड लगाकर सभी रास्ते बंद कर दिए, जिससे सैकड़ों ट्रक और वाहन वहीं फंस गए.

किसान नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई: किसान नेताओं ने बताया कि आज दिल्ली में चारों तरफ से किसानों को राजधानी में प्रवेश करने से रोका गया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ वीएम सिंह, सुरजीत सिंह सहित कई किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. इसके बाद आंदोलन को लेकर माहौल और गर्म हो गया. वहीं किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था.

मांगों को लेकर प्रदर्शन तेज: किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में किसान हाथों में संगठन के झंडे लेकर आंदोलन में शामिल हुए. इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी, भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद और दस्मेश किसान मजदूर यूनियन ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया.